महिलाओं के मामले में संवेदनशील हो पुलिस
- राज्य महिला आयोग की सदस्य इंद्रावास सिंह ने खलीलाबाद में की खुली बैठकें
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। हत्या, बलात्कार जैसे संगीन मामलों में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी से लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ता है। महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस को विशेष संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। अपराधी के मन में भय पैदा करना ही पुलिस का काम है। ऐसा होने पर ही अन्य लोग अपराध करने से बचेंगे।
ये बातें प्रदेश की महिला आयोग की सदस्य इंद्रवास सिंह ने कहीं। वे बुधवार को खलीलाबाद डाकबंगला परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक व जन सुनवाई कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस दौरान उमरी कला गांव की सरस्वती देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति की हत्या करने वाले लोग अब उसे तथा पूरे परिवार को हत्या की धमकी दे रहे हैं। इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई एवं परिवार की सुरक्षा का निर्देश वहां मौजूद सीओ सदर को दिया गया। सरस्वती देवी ने अपनी तीन बीघा जमीन पर भी कब्जा करने का आरोप लगाया। इस पर नायब तहसीलदार दीपक गुप्ता को जमीन का सीमांकन कराकर अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया। दुर्गावती देवी ने भी अपने पट्टीदारों द्वारा मारपीट किये जाने तथा भूमि पर कब्जा किये जाने की शिकायत की। इसके अलावा नाथनगर की कंचन सिंह ने पति के उत्पीड़न तथा भरण-पोषण नहीं देने की शिकायत किया। कंचन सिंह के मामले में महिला एसओ को दोनों पक्षकारों को बुलाकर सुलह समझौता कराने का निर्देश दिया। इस सुनवाई के दौरान सीओ सदर रमेश कुमार, प्रोबेशन अधिकारी राकेश कुमार, महिला एसओ अनीता यादव, महिला हेल्प लाइन 181 की चांदनी मिश्रा तथा टगर पाल, महेश गुप्ता, अशोक सिंह, दिव्या त्रिपाठी, उर्मिला त्रिपाठी, सरिता, प्रेमा दूबे, उषा पांडेय, मनोज तिवारी आदि उपस्थित रहे।