संतकबीरनगर। शासन स्तर से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद पुलिसिंग को डिजिटल किया जा रहा है। पहले एफआईआर और दूसरी जरूरी सुविधाओं को ऑनलाइन करने के बाद अब विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलित करने के लिए भी तकनीक का सहारा लिया जाएगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत अब विवेचक ई-साक्ष्य एप के जरिये मौके पर जाकर क्राइम सीन की फोटो और वीडियो आदि तत्काल अपलोड करेंगे। साथ ही अधिकारी इन रिपोर्ट को देखकर जांच की प्रगति पर भी नजर रख सकेंगे। इसके लिए जिले के विवेचकों को मोबाइल वितरित किए जाएंगे। इसके लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है।
2024 से देश में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू कर दी गई है। इसके तहत पुलिसिंग को हाईटेक बनाने की भी पहल शुरू की गई है। मुकदमे की विवेचना अब डिजिटल एप पर की जाएगी। विवेचना से संबंधित सभी साक्ष्य, क्राइम सीन के सभी रिकॉर्ड व जब्तीकरण की सभी कार्रवाई डिजिटली अपलोड होगी। इसके लिए जनपद के सभी विवेचकों को स्मार्ट मोबाइल फोन दिए जाएंगे। इसके लिए शासनस्तर से बजट भी पास कर दिया गया है। स्मार्ट मोबाइल फोन में ई-साक्ष्य एप के जरिये विवेचक खुद की यूजर आईडी और पासवर्ड जनरेट करेंगे। इसके अलावा विवेचक इस मोबाइल फोन की मदद से ई-साक्ष्य, यूपी कॉप समेत अन्य एप की मदद से घटना स्थल की फोटा, वीडियाे और अन्य डिजिटल साक्ष्य अपलोड कर सकेंगे। मोबाइल खरीदने के दौरान उसकी स्टोर क्षमता, कैमरा व प्रोसेसर का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह मोबाइल मिलने के बाद विवेचक स्मार्ट मोबाइल फोन न होने का कोई बहाना नहीं बना सकेंगे।