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कैश की किल्लत जारी, परेशान रहे

Fri, 25 Nov 2016 11:21 PM IST
Sant Kabir Nagar
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बैंक चौराहे पर एसबीआई के एटीएम से रकम निकालने के लिए कतार में लगे लोग। यहां तीन में से केवल एक एटीएम से ही कैश निकलता मिला। - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के 17वें दिन भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए। जिले में कैश की किल्लत के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश और शहरी क्षेत्रों के कुछ एटीएम बंद रहे। कैश की कमी के चलते मानक के अनुसार तय रकम भी लोगों को नहीं मिल पायी। शुक्रवार को पूर्वांचल बैंक की सभी शाखाएं खुलीं, लेकिन उन्हें जरूरत के हिसाब से कैश की उपलब्धता नहीं होने से थोड़ी बहुत रकम से काम चलाना पड़ा। जिसकी वजह से तमाम उपभोक्ता बगैर भुगतान पाए ही निराश लौट गए। 
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खलीलाबाद में एसबीआई की मुख्य ब्रांच में लेनदेन तो हुआ, लेकिन बैंक के एक ही एटीएम कैश निकला, जबकि दो एटीएम बंद रहे। स्टेट बैंक की कृषि शाखा और उसका एटीएम भी बंद रहा। सेंट्रल बैंक और ओरियंटल बैंक का एटीएम भी बंद मिला। जबकि शहर के अन्य बैंकों में लेन- देन हुआ। पूर्वांचल बैंक की सभी शाखाएं खुलीं। बैंक की शाखाओं पर पहले पहुंचने वाले लोगों को भुगतान मिला, लेकिन बाद में पहुंचने वालों को निराश होना पड़ा। उपभोक्ता रमेश, घनश्याम पांडेय, अंकुर, अशोक, रवींद्र और मिंटू आदि ने बताया कि पिछले पांच दिनों से भुगतान पाने के लिए विश्वनाथपुर पूर्वांचल बैंक की शाखा पर पहुंच रहे, लेकिन कैश की कमी से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। स्टेट बैंक के एटीएम पर कतार में लगे सुधीर श्रीवास्तव, मनोज सिंह और अखिलेश ने बताया कि एटीएम से भी पैसा निकालना मुश्किल है। घंटों कतार में लगने के बाद सिर्फ दो हजार रुपये तक निकल पा रहा है। यदि किसी को दस हजार की जरूरत है तो उसे पांच दिन कतार में लगने की नौबत आ रही है।

इसमें नौकरी पेशे वाले पांच घंटे यदि कतार में रहे तो समय से दफ्तर कैसे पहुंचेंगे। जिले के कई अफसरों ने बताया कि जिन बैंकों में उनके खाते संचालित है, वहां यदि 24 हजार रुपये भी मांगा जा रहा है तो बैंक कर्मी कैश की कमी बता कर बड़ी मुश्किल से दस हजार रुपये देने की बात कहते है। सबसे बुरी दशा तो शादी वाले परिवारों की है। ढाई लाख तक भुगतान का निर्देश तो है, लेकिन उसकी शर्तें पूरी करना टेढ़ीखीर साबित हो रही है। जिले के सेमरियावां क्षेत्र में काफी दिक्कत है। वहां के रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के काफी लोग देश के विभिन्न शहरों के अलावा विदेशों में रोजगार के सिलसिले में रहते हैं। उनके जरिए परिजनों के बैंक खाते में भेजे गए धन को परिजन निकाल कर घर का खर्च चलाते हैं। तमाम ऐसे परिवार हैं, जिनके पुरुष बाहर है और घर पर सिर्फ महिलाएं। महिलाएं बैंक की कतार में और एटीएम पर भरपूर समय नहीं दे पा रही है। जिसकी वजह से उन्हें अपने परिचितों से उधार मांग कर काम चलाना पड़ रहा है। आरबीआई के जरिए जिले को मांगी गई रकम अभी तक उपलब्ध नहीं कराए जाने से कैश का अभाव बना हुआ है।
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  लीड बैंक मैनेजर केजी तिवारी ने बताया कि जिले के लिए 100 करोड़ की मांग आरबीआई से की गई है। डीएम के जरिए भी पत्राचार हुआ है, लेकिन केवल शुरूआत में 20 करोड़ उपलब्‍ध कराए गए थे। इसके बाद कैश नहीं मिला। वैसे दूसरी जगह से कैश की व्यवस्था करके काम चलाया गया। लगातार उच्चाधिकारियों से संपर्क स्थापित करके कैश की कमी और डिमांड धनराशि उपलब्ध कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही कैश मिल जाएगा और समस्या  दूर हो जाएगी।

वहीं पूर्वांचल बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक  बृज मोहिनी द्विवेेदी ने बताया कि शुक्रवार को पूर्वांचल बैंक की सभी 51 शाखाएं खुली थी और लेन-देन भी हुआ है। वैसे जरुरत के हिसाब से कैश नहीं मिल पाया । जो कैश मिला था,उसी में से थोड़ा- थोडा सभी ब्रांचों को भेजवा कर काम चलाया गया है। यह भी सच है कि तमाम उपभोक्ता कैश के अभाव में भुगतान न पाने से निराश लौटे है। शादी वाले परिवारों को ढाई लाख दे पाना संभव नहीं हो पा रहा है। स्टेट बैंक तो डिमांड की गई धनराशि उपलब्ध कराने में असमर्थता जाहिर कर दिया। पैसा जमा करने वाले कुछ लोग भी उपभोक्ताओं को भुगतान करने में बैंकों की मदद कर रहे है।    शनिवार और रविवार को सभी बैंक बंद रहेंगे, सोमवार को बैंक खुलेगा, तब तक उम्मीद है कि कैश उपलब्ध हो जाए।
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