संतकबीरनगर। कांग्रेस का विधान सभा घेराव को लेकर पुलिस ने मंगलवार को कांग्रेस पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया था। पूरी रात कांग्रेसी पुलिस के पहरे में रहे। बुधवार सुबह भी पुलिस ने उन्हें घर से निकलने नहीं दिया।
इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष प्रवीण चंद पांडेय के चकदही स्थित आवास के बाहर धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस वहां से हटी। उसके बाद कांग्रेसी मुक्त हुए। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पूरे प्रदेश से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 18 दिसंबर को लखनऊ विधान सभा का घेराव करने पहुंचना था।
कार्यकर्ता मंगलवार को रवाना हो रहे थे कि पुलिस ने पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट कर दिया। पूरी रात पदाधिकारियों के घर पर पुलिस मौजूद रही। सुबह चकहदी स्थित कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण चंद पांडेय के आवास से कार्यकर्ता लखनऊ के लिए रवाना हो रहे थे कि पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई। पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया।
जिलाध्यक्ष प्रवीण चंद पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लखनऊ जाने नहीं दे रही है। इससे यह पता चलता है कि सरकार कांग्रेस से डर रही है। आने वाला समय कांग्रेस का है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी रात घर के बाहर पहरा देती रही और किसी को भी लखनऊ जाने नहीं दिया। उसके बाद भी विधान सभा घेराव का कार्यक्रम सफल रहा है।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय, पूर्व विधान सभा प्रत्याशी शांति देवी, मोइन अंसारी, अजय सिंह, बिट्टू सिंह, रवि सिंह, गुड्डू उपाध्याय, जय प्रकाश पांडेय उर्फ आचार्य, दुर्गेश पाठक, पूर्व युवा कांग्रेस के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे। वहीं, पौली ब्लाॅक अध्यक्ष अयाजुल हक तथा जिला सचिव फैजान खान, रवि उदय पाल एवं अखंड बहादुर पाल, अखिलेश पांडेय, ब्लाॅक अध्यक्ष राजन लाला, निसार अहमद आदि पुलिस ने नजरबंद किया था। दोपहर 12 बजे के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।