नेदुला के समीप हाइवे के किनारे रखा गिट्टी।
संतकबीरनगर। शहर में हाईवे से लगायत सड़क की पटरियों पर जगह-जगह रखी बालू-गिट्टी सहित भवन निर्माण सामग्री से हादसे का खतरा है। बालू के कण उड़कर राहगीरों की आंखों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसे हटवाने के लिए कई बार प्रशासन ने निर्देश दिए, लेकिन स्थिति जस की तस है। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रशासन ने इसे नहीं हटवाया तो कोहरे में हादसा हो सकता है।
जिले की सीमा टेमा रहमत से मगहर तक करीब 25 किलोमीटर है। कई स्थानों पर सड़क के किनारे गिट्टी, बालू, मोरंग आदि भवन सामग्री रखकर कारोबार किया जा रहा है। कांटे, नेदुला, डीघा आदि स्थानों पर हाईवे के किनारे कब्जा जमा लिया गया है। शहर के कलक्ट्रेट मार्ग, बनियाबारी, गोरखल सहित विभिन्न स्थानों पर बालू, गिट्टी, मोरंग की बिक्री की जा रही है।
इस समय पछुआ हवा चल रही है। बालू के कण उड़कर राहगीरों की आंखों में भी पड़ रहे हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सड़क पर साइड लेने-देने में वाहन फंस जा रहे हैं। खासकर रात में बिजली न रहने पर समस्या और बढ़ जा रही है। इसके बाद भी इस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। शहर के रमेश चंद्र, विकास आदि ने कहा कि सड़क की पटरियों से बालू, गिट्टी व मोरंग को हटवाया जाना चाहिए, ताकि समस्या से निजात मिल सके।
दुकान लगाने के नियम : शासन का निर्देश है कि गिट्टी, बालू, मोरंग आदि की दुकानें सड़क से 125 मीटर दूर लगाई जाएं, ताकि वाहनों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए प्रशासन ने भी कई बार निर्देश दिए हैं, इसके बाद भी इसका पालन होता नहीं दिख रहा है। लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ु