संतकबीरनगर। न्यायिक तहसीलदार के फैसले के बाद फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियों पर कार्रवाई के लिए पीड़ित ने एसपी को तहरीर दी थी। जिसके बाद मामले की जांच और केस दर्ज करने को लेकर एसपी ने सीओ को ट्रांसफर कर दिया था। सीओ कार्यालय में विवेचना होगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महुली थाना क्षेत्र के छितही गांव निवासी हफीजुर्रहमान ने 19 दिसंबर को एसपी को तहरीर दी थी। जिसमे उन्होंने कहा था कि वह एवं उनके तीन भाई अली अहमद, अजीजुर्रहमान व ओवैदुर्रहमान वर्ष 1983 में जमीन बैनामा कराए थे। चारों भाईयों ने वर्ष 2018 में नक्शा पास कराकर मकान बनवाए।
जो नगर पालिका में दर्ज है और जमीन का दाखिल खारिज नहीं हुआ था। नगर पालिका में टैक्स जमा करने के लिए अली अहमद का नाम दर्ज है। जिसकी जानकारी भाई के बहू को थी। वह वर्ष 2016 से ही जमीन हड़प करने की नियत से लगी हुई थी। उसने जालसाजी करके अपने पति एवं ससुर को वर्ष 2016 में जीवित रहते मृतक दर्शाते हुए तहसीलदार खलीलाबाद के न्यायालय में वाद दाखिल किया।
नामांतरण प्रसूचना दाखिल खारिज में वह तथा अपने दो बच्चियों का नाम डाला। मार्च वर्ष 2023 में कायमी प्रार्थना पत्र दिया। जो सितंबर में ही स्वीकृत कर लिया गया। उसी दिन तत्कालीक न्यायिक तहसीलदार से जालसाजी व धोखा करके झूठा शपथ पत्र दाखिल करके नामांतरण आदेश पारित करा लिया। साथ ही उसी की कापी लगाकर अन्य व्यक्ति को बैनाका का करार कर दिया। जानकारी होने पर वह कायमी प्रार्थना पत्र मार्च में दाखिल करके पारित आदेश को निरस्त कराए। उसने भाई के दूसरे लड़के का भी हिस्सा हड़पकर लिया।
मामले में संलिप्त चार आरोपी कूट रचित दस्तावेज तैयार करके सभी के हिस्से को हड़पकर लिया। जो एडीएम की जांच में सही पाया गया है। पीड़ित ने एसपी से मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्जकर कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद एसपी ने मामले को सीओ के पास भेज दिया था।