संतकबीरनगर। शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 175 पहुंच गया है। पांच दिन पहले यह 150 पर था। हवा खराब होने से लोगों की आंखों में जलन हो रही है। साथ ही गले में खराश की शिकायतें आ रही हैं।
जानकारों का कहना है कि मगहर के पास हाईवे के किनारे बड़े पैमाने पर कूड़ा जलाया जा रहा है। साथ ही इन दिनों पराली आदि जलाने के मामले बढ़ गए है। इससे हवा खराब हो गई है। चिकित्सकों का कहना है कि इस समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर बाहर निकलें तो मास्क जरूर लगा लें।
सुबह-शाम के अलावा रात में ठंड बढ़ गई है। दिन में हल्की धूप निकलने से राहत है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। साथ ही प्रदूषण ने लोगों को परेशानी और बढ़ा दी है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का असर है। शुक्रवार की सुबह एक्यूआई स्तर 175 पर पहुंच गया। जबकि 27 नवंबर को 173, 26 नवंबर को 173, 25 नवंबर को 170, 24 नवंबर को 165, 23 नवंबर को 155 पर था।
इसी तरह से शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में कमी के चलते लोग बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं।
सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे है। सड़कों पर धूल उड़ने से भी प्रदूषण हो रहा है और सांस लेने पर धूल के कण गले में चले जा रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या पराली और कूड़ा जलाने से आ रही है। इससे लोगों के गले में खराश की समस्या हो रही है।
सीएचसी खलीलाबाद के वरिष्ठ फिजिशियन वरुणेश दुबे का कहना है कि धूल सबसे खतरनाक होती है। यह नाक और मुंह के रास्ते गले में चली जाती है। ऐसे में लोगों को इससे बच कर रहना चाहिए। माॅस्क लगाकर ही बाहर निकलें।
मगहर स्थित हाईवे पर जल रहे कूडे से उठ रहा धुआ-संवाद
मगहर स्थित हाईवे पर जल रहे कूडे से उठ रहा धुआ-संवाद