12 से 14 वर्ष तक के बच्चों को लगवाएं कोरोनारोधी टीका : सीएमओ
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में हुआ टीकाकरण का शुभारंभ
संतकबीरनगर। कोविड से बच्चों को बचाने का सबसे बेहतर उपाय है कि उनका कोविड टीकाकरण कराया जाए। ऐसे में आवश्यक है कि सभी अभिभावक 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों को कोेरोनारोधी टीका स्वास्थ्य इकाइयों पर जाकर अवश्य करवाएं। जनपद में 72,655 बच्चों को कोरोनारोधी टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को शीघ्र ही पूरा करने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मी संकल्पित भाव से काम करें। ये बातें सीएमओ डॉ. इंद्र विजय विश्वकर्मा ने सीएचसी खलीलाबाद में 12 से 14 साल के बच्चों के कोरोनारोधी टीकाकरण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर कहीं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस रहमान ने कहा कि टीकाकरण के लिए लगाए गए स्वास्थ्यकर्मी बच्चों को कोर्बेवैक्स ( कोविड टीका ) की आधा एमएल की ही डोज दें। साथ ही साथ वेरीफायर इस बात को पूरी तरह से ध्यान में रखें कि बच्चे की उम्र टीका लगने की अवधि तक 12 वर्ष हो चुकी हो। जिला वैक्सीन मैनेजर सुशील कुमार मौर्या ने कहा कि टीके की वायल को निर्धारित तापक्रम पर ही रखें, ताकि उसका बेहतर प्रभाव बना रहे। टीके को लगाने के बाद बची हुई वायल को आईसबाक्स में रख दें। पहला टीका लगवाने वाले बंजरिया मोहल्ले के 13 वर्षीय नैतिक श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें पहले तो भय लगा, लेकिन बाद में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। इंजेक्शन कब लगा, यह पता ही नहीं चला। मड़या मोहल्ले के 12 वर्ष तीन माह के दीपक का कहना है कि उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई और वह अब कोविड से सुरक्षित हैं। 28 दिन के बाद टीके की दूसरी डोज लगाई जाएगी। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. राधेश्याम यादव, डॉ. सुखदेव, बीपीएम अभय त्रिपाठी, बीसीपीएम महेंद्र त्रिपाठी, संजय कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
बच्चों को 30 मिनट तक रखा गया पर्यवेक्षण में
जिन बच्चों को टीका लगाया गया, उन बच्चों को 30 मिनट तक चिकित्सकों के पर्यवेक्षण में रखा गया। किसी भी बच्चे केअंदर टीके का कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला। बच्चों को एहतियात के तौर पर पैरासीटामाल की गोली दी गई, ताकि अगर किसी को बुखार हो तो वह उसका सेवन कर लें।
पहले दिन 40 बच्चों का हुआ टीकाकरण
सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि पहले दिन केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में ही टीकाकरण सत्र चलाया गया। इस दौरान 12 से 14 साल के कुल 40 बच्चों का टीकाकरण किया गया। आगामी 21 मार्च से टीकाकरण के नियमित सत्र चलाए जाएंगे।