संतकबीरनगर। मत्स्य विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और मछुआ समुदाय तक योजनाओं की पहुंच की समीक्षा करने पहुंचे मत्स्यजीवी सहकारी संघ लिमिटेड के सभापति वीरू साहनी विभागीय व्यवस्था से नाराज हो गए। वह बिना समीक्षा बैठक किए ही वापस लौट गए।
बताया जाता है कि विभाग को दो दिन पहले ही बैठक की सूचना दे दी गई थी लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा किसी भी मत्स्य सहकारी समिति के प्रतिनिधि को बैठक के लिए उपस्थित नहीं कराया जा सका। विभाग की ओर से योजनाओं की प्रगति से संबंधित कोई रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
बृहस्पतिवार को खलीलाबाद स्थित डाक बंगले में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान सभापति वीरू साहनी ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर सभी 75 जनपदों का भ्रमण कर यह समीक्षा की जा रही है कि केंद्र एवं राज्य सरकार की मत्स्य विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मछुआ समुदाय और अन्य पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि विभाग द्वारा योजनाओं का पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जा रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा कि संतकबीरनगर में विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। अधिकारियों ने न तो समितियों को बैठक की सूचना दी और न ही उन्हें बुलाने का प्रयास किया, जिसके कारण समीक्षा बैठक आयोजित नहीं हो सकी। उन्होंने इसे विभागीय कार्यप्रणाली की बड़ी कमी बताते हुए अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सभापति ने कहा कि मत्स्य मंत्री संजय निषाद व पूर्व सांसद प्रवीण निषाद का यह क्षेत्र है। ऐसे में यहां की कमियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने तथा योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक मछुआ समुदाय एवं अन्य पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।