जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपी करते चिकित्सक।
संतकबीरनगर। गलत दिनचर्या की वजह से सर्वाइकल मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सर्वाइकल मरीज कंधे और गर्दन के दर्द से परेशान होकर रोजाना आठ से दस की संख्या में जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को परामर्श और दवाओं के साथ ही आवश्यकतानुसार थेरिपी की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. बलवंत तिवारी ने बताया कि सर्वाइकल स्पॉडलाइटिस हड्डी से जुड़ा रोग है जो गर्दन की हड्डियों, डिस्क और जोड़ों के उम्र के साथ होने वाले घिसाव की वजह से होता है। इसे आम भाषा में गर्दन का गठिया या सर्वाइकल की समस्या भी कहा जाता है। यह समस्या 40 साल की उम्र के बाद अधिकतर लोगों में देखने को मिलती है। शॉर्ट वेव डायथ्रेमी के माध्यम से मरीजों को गर्दन की दर्द में आराम देकर के सर्वाइकल आईसोमेट्रिक एक्सरसाइज बताया जाता है। इससे लोगों को आराम मिल रहा है। पहले जिला अस्पताल में आने वाले सर्वाइकल मरीजों की संख्या दो से तीन होती थी।