पहले कागज, फिर सच में मरे श्यामलाल, अब लेखपाल समेत पांच पर केस
- पति की मौत के बाद कोर्ट पहुंची पत्नी, जालसाजी की कहानी सुन कोर्ट ने दिया मुकदमा दर्ज करने का आदेश
- तत्कालीन लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और देवरिया गंगा गांव के तीन लोग हैं आरोपी
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के देवरिया गंगा गांव निवासी श्यामलाल की मृत्यु 17 दिसंबर, 2021 को हुई थी, लेकिन सरकारी अभिलेख में यह अर्द्ध सत्य है। सरकारी सत्य यह है कि श्यामलाल की मौत काफी पहले हुई थी। दरअसल, मामला जालसाजी कर जमीन हड़पने का है। श्यामलाल की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी ने सीजेएम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने पीड़िता का दर्द सुना, समझा और फिर साजिश में शामिल पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। अब पुलिस केस दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई है।
श्यामलाल की पत्नी राजमती ने बताया कि गांव के तीन लोगों ने लेखपाल और राजस्व निरीक्षक से मिलकर उसकी एक एकड़ दो बिस्वा जमीन अपने नाम करा ली है। उन्होंने बताया कि उसके पति ने किसान सम्मान निधि का फार्म भरने के लिए अपनी जमीन की खतौनी निकाली तो पता चला कि जमीन गांव के कल्यान, राजकुमार और सुनीता पत्नी लाल मोहन के नाम दर्ज है। इस संबंध में श्यामलाल ने संबंधित लोगों से पूछताछ की तो वे अपशब्द कहते हुए जानमाल की धमकी देने लगे। खलीलाबाद तहसील जाने पर पता चला कि तीनों ने तत्कालीन लेखपाल, राजस्व निरीक्षक व तहसील कर्मियों की मदद से उन्हें मृत दिखाकर जमीन अपने नाम करा ली है। श्यामलाल ने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जमीन हाथ से निकलती देख श्यामलाल की तबीयत बिगड़ गई और 17 दिसंबर 2021 को उनकी मृत्यु हो गई।
राजमती ने बताया कि पति की मौत को बाद उसने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद वह कोर्ट पहुंचीं। कोर्ट ने कल्यान, राजकुमार, सुनीता व तत्कालीन लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कोतवाल विजय नारायन प्रसाद ने बताया कि आरोपियों पर जालसाजी का केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।