करीब 27 साल बाद आखिरकार शहर में बस अड्डा बनने का सपना अब पूरा होता दिख रहा है। प्रशासन की ओर से बस अड्डे के लिए मीरगंज में चिन्हित जमीन को शासन ने मंजूरी देते हुए चार एकड़ जमीन परिवहन निगम के नाम खतौनी में दर्ज करा दी है। इससे बस डिपो बनने का रास्ता साफ हो गया है। मीरगंज के पास रिंग रोड भी बन रहा है, जिससे धनघटा, आंबेडकरनगर जाने वाली बसों सहित बड़े वाहनों को सहूलियत मिलेगी।
मालूम हो कि वर्ष 1997 में संतकबीरनगर जिले का गठन हुआ, तब से यहां बस डिपो बनाने की मांग होती रही है। अभी लोग मेंहदावल बाईपास पर बने अस्थायी बस अड्डे से बस पकड़ते हैं, जहां यात्री सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। न पानी की व्यवस्था, न बैठने की न शौचालय की। जमीन मिल जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही बस अड्डा बनाने का काम शुरू हो जाएगा और लोगों को राहत मिलेगी।
हालांकि ऐसा नहीं है कि बस डिपो की स्थापना के लिए कभी पहल नहीं हुई लेकिन हर बार जमीन का पेच फंसता रहा। पहले सरैया के पास जमीन देखी गई तो बाद में मेंहदावल बाईपास के पास ड्रेनेज खंड दो के कार्यालय परिसर में बस डिपो की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया लेकिन इसे शासन की मंजूरी नहीं मिली।
बस डिपो के नाम खतौती में दर्ज हुई जमीन
इसके बाद प्रशासन ने मीरगंज के पास बस डिपो के लिए जमीन चिन्हित की और इसका प्रस्ताव शासन को भेजा। अब प्रशासन ने चार एकड़ जमीन बस डिपो के नाम खतौनी में दर्ज करा दी है। जिससे बस डिपो की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। इससे उम्मीद है कि जल्द ही बस डिपो बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
भुवरिया से पायलपार तक बन रहा रिंग रोड
शहर में बड़े वाहनों का प्रवेश न हो और जाम की समस्या से लोगों को राहत मिले, इसके लिए भुवरिया से पायलपार तक रिंग रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके पास ही बस डिपो बनने से धनघटा, आंबेडकर नगर आने- जाने में लोगों को सहूलियत मिलेगी। इसके साथ ही बड़े वाहन भी भुवरिया से पायल पार होकर ही आएंगे और जाएंगे। इससे शहरवासियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
बस डिपो की स्थापना के लिए मीरगंज के पास जमीन चिन्हित की गई थी। अब इस जमीन को परिवहन निगम के नाम से खतौनी में दर्ज करा दी गई है। जल्द ही बस डिपो बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। इससे यात्रियों की समस्या दूर होगी और शहर को जाम से राहत मिलेगी।
महेंद्र सिंह तंवर- डीएम