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Sant Kabir Nagar News: कोर्ट में सुनवाई से बच रहा ब्रिटिश मौलाना और उसका कुनबा

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संतकबीरनगर। ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान और उसके परिजन से जुड़े मामलों में न्यायालय की प्रक्रिया लंबी खिंचती जा रही है। अलग-अलग अदालतों में सुनवाई की तिथियों पर आरोपियों के उपस्थित न होने से मामला आगे नहीं बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि खलीलाबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय को वारंट तक जारी करना पड़ा है, जबकि एसडीएम न्यायालय में मदरसा भूमि प्रकरण की सुनवाई भी चार बार टल चुकी है। शुक्रवार को इस मामले में एक बार फिर सुनवाई टल गई है।
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सूत्रों के अनुसार, ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान और उसके परिजन के खिलाफ चल रहे मामलों में न्यायालय द्वारा तय की गई कई तिथियों पर पक्षकारों की गैरहाजिरी दर्ज की गई। इससे न केवल सुनवाई प्रभावित हुई, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी बार-बार बाधित होती रही। लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए सीजेएम कोर्ट ने वारंट जारी किया है।
उधर, मदरसा भूमि से जुड़े विवाद की सुनवाई एसडीएम न्यायालय में भी लगातार टल रही है। बताया जा रहा है कि अब तक चार बार सुनवाई इसलिए स्थगित करनी पड़ी क्योंकि मौलाना के पक्ष से कोई भी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में मामले का निस्तारण लगातार टल रहा है।
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शुक्रवार को एसडीएम न्यायालय में इस प्रकरण की फिर सुनवाई होनी थी, जो संबंधित पक्ष के अदालत में उपस्थित न होने से एक बार फिर टल गई है।
मामले की संवेदनशीलता और लंबित न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि लगातार गैरहाजिरी का सिलसिला जारी रहता है तो न्यायालय आगे और कड़े कदम उठा सकता है।
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सात अगस्त को सीजेएम कोर्ट में होना है पेश
ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान, बेटे तौसीफ रजा व बहू नसरीन के खिलाफ सीजेएम कोर्ट से वारंट जारी हुआ था, जिसमें सात अगस्त को पेश होना है। वहीं शमशुल की पत्नी सकलैन खातून का माफीनामा कोर्ट ने तीन जुलाई को हुई सुनवाई में स्वीकृत किया था। कोर्ट ने तीनों को सात अगस्त को तलब किया है।
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धनशोधन मामले में ईडी की जांच जारी
ब्रिटिश नागरिकता, सरकारी लाभ लेने और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में घिरे ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच कर रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, शमशुल हुदा खान पर ब्रिटिश नागरिकता ग्रहण करने के बाद भी भारतीय नागरिक के रूप में सरकारी लाभ लेने, मतदान करने और विभिन्न वित्तीय लेन-देन में अनियमितता बरतने के आरोप हैं। इन्हीं मामलों से जुड़े आधार पर ईडी ने धनशोधन की जांच शुरू की और उसके ठिकानों समेत संबंधित परिसरों पर छापेमारी भी की थी। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, संस्थाओं के माध्यम से प्राप्त धनराशि तथा अचल संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित रूप से प्राप्त धन का उपयोग किन माध्यमों से किया गया। सूत्रों के अनुसार धनशोधन मामले में जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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