भाजयुमो का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित
मेंहदावल। प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.सतीश चंद्र द्विवेदी ने बृहस्पतिवार को मेंहदावल नगर के जनता वैदिक महाविद्यालय में आयोजित भाजयुमो के जिलास्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि युवा देश व समाज को शिखर पर ले जाता है। युवाओं के उत्थान व विकास के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारें महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि डेढ़ लाख युवाओं को शिक्षक के रुप में नियुक्ति करने का कार्य प्रदेश सरकार ने किया है। योगी सरकार के कार्यकाल में भयमुक्त समाज व प्रदेश का सपना साकार हुआ। नकलविहीन बोर्ड परीक्षा की योजना सफल हुई। केंद्र सरकार की 84 योजनाओं के संचालन में प्रदेश पहले पायदान पर रहा। 18 हजार 53 गांवों को केंद्र सरकार ने निशुल्क विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराई। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता, फिरौती, गुंडागर्दी, परिवारवाद व भ्रष्टाचार का बोलबाला था, लेकिन उत्तर प्रदेश में भाजपा व योगी की सरकार ने वह कर दिखाया, जो 70 वर्षों में नहीं हो पाया था। डेढ़ सौ से अधिक अपराधियों के विरुद्ध पुलिस ने कार्रवाई की। अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त हुई। युवा खुद को पहचाने और 2022 के विधानसभा चुनाव में पुन: भाजपा का परचम फहराने व योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लें। विशिष्ट अतिथि भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव बाबा ने कहा कि देश व प्रदेश की शक्ति जहां एक तरफ युवा हैं वहीं आदि शक्ति बहनें हैं। ऐसे में 2022 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का संकल्प लें। इस दौरान विधायक राकेश सिंह बघेल, पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दुर्गाराय, मदन नरायन सिंह, मोतीलाल जायसवाल, अनिल तिवारी, पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ला, दीपू सिंह, अमित श्रीवास्तव, रतन सिंह, अंशुमान सिंह, अरुण सिंह, एसके सिंह, अशोक सिंह, आशीष सिंह, पवन यादव, सर्वेश तिवारी, शेषमणि सिंह, अखिलेश देववंशी, सुधीर जायसवाल, पंकज जायसवाल, मोहन सिंह, देवी शरण पांडेय, टीएन शुक्ला, खुनखुन पांडेय, दिनेश पांडेय, अनिरुद्ध पांडेय, मौलाना वारीश अली आदि मौजूद रहे।
आपस में भिड़े भाजपाई, दिखी गुटबाजी
मेंहदावल। भाजयुमो के कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा की गुटबाजी देखने को मिली। नारेबाजी के दौरान दो गुट आमने-सामने हो गया। जब यह घटना हुई तो मंच पर विधायक के साथ ही कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मंच पर आसीन थे। भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सर्वेश तिवारी को मंच से कार्यक्रम स्थगित करने तक की बात कहनी पड़ी तो भाजपा के जिला पदाधिकारी कौशलेंद्र सिंह दीपू को आकर मंच संभालना पड़ा। कार्यक्रम खत्म होने के बाद दोनों गुट सड़क पर भिड़ गए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को सामने आना पड़ा। किसी तरह पुलिस ने मामले को नियंत्रित करते हुए शांति व्यवस्था कायम की।