भाकियू कार्यकर्ताओं ने दुकानें बंद कराईं
भाकियू, राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा, ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। किसानों के समर्थन और कृषि कानून को वापस लेेने की मांग को लेकर भाकियू अराजनैतिक, राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा और ट्रेड यूनियन ने शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान दुकानों को बंद कराया और सरकार से कृषि कानून को वापस लेने की मांग की। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन मेंहदावल बाईपास पर एडीएम को सौंपा।
भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्र ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश होते हुए केंद्र सरकार की ओर से किसानों के विरोध में तीन कृषि कानून बनाए गए। इस काले कानून के खिलाफ लाखों किसान सड़क पर उतरकर आंदोलन को बाध्य हो रहे हैं जो देश का अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन है। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून को वापस लिया जाए। बिजली बिल एवं पराली बिल 2020 जो पारित हुआ है उसे रद्द किया जाए। इस तरह से छह सूत्री मांगपत्र एडीएम को सौंपा। जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद से निकला जुलूस गोला बाजार होते हुए मुखलिसपुर तिराहा, समय जी स्थान चौराहा होते हुए मेंहदावल बाईपास तक गया। इस दौरान अनूप चौधरी, सुभाष चंद किसान, मरतेंद्र प्रताप सिंह, राम सिंह, दयाशंकर उपाध्याय, रामदरश यादव, रमई प्रसाद, रमाशंकर यादव, विजय कुमार गुप्त, प्रेमनाथ पाठक समेत अन्य मौजूद रहे।
इसी तरह से राष्ट्रीय किसान मोर्चा ने शहर में जुुलूस निकाला। जिलाध्यक्ष छविलाल पटेल ने कहा कि तीनों कृषि कानून वापस लिया जाए। यह कानून पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाया गया है। इस दौरान आनंद कुमार गौतम, उदयराज विद्यार्थी, राहुल मद्धेशिया, रामदास, सनमान चौरसिया आदि मौजूद रहे। ट्रेड यूनियन काउंसिल भी जुलूस में शामिल हुआ। इस दौरान प्रकाश चंद श्रीवास्तव, शिव कुमार गुप्त, हरजीत कांदू आदि ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की।