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भजन से गायकों ने बांधा समा

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आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर संतकबीर अकादमी के आडिटोरियम हाल में निर्गुण भजन प्रस्तुत करते,ब? - फोटो : KHALILABAD
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भजन से गायकों ने बांधा समा
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सद्गुरु कबीर के प्राकट्य दिवस पर आयोजित हुआ भजन कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। सद्गुरु कबीर के प्राकट्य दिवस पर आजादी के अमृत महोत्सव पर सांस्कृतिक विभाग प्रयागराज के जरिए बुधवार को भजन, गायन का कार्यक्रम हुआ। इसमें निर्गुण भजन गायक डॉ. हरिशरण शास्त्री एंड दल मगहर की ओर से कबीर भजन गायन खूबसूरत ढंग से प्रस्तुत किया गया। डॉ. हरिशरण शास्त्री ने भजन सुनाया। जिसके बोल थे बीत गयो रे दिन भजन बिना रे को सुनकर लोग मुग्ध हो गए।
इसके बाद भजन गायक रामचंद्र साहब ने नईहर में दाग पड़ल मोरी चुनरी सुनाकर भक्ति रस में लोगों को डुबो दिया। इसके बाद संत सूर्यनाथ ने पानी में नीर प्यासी सुनाया। अंत में संत संजय दास ने तेरे घट-घट में राम बसे सुनकर खूब तालियां बटोरीं। इस अवसर पर महंत विचारदास, कार्यक्रम अधिकारी विनोद शुक्ल, पूर्व चेयरमैन नूरुज्जमा अंसारी, अवधेश सिंह, संत अरविंद शास्त्री, सदानंद यादव, गुलाम हुसेन, मुन्ना खान आदि मौजूद रहे।
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भजन कार्यक्रम में बुद्ध से कबीर तक के कलाकारों में आदित्य राजन, अभिषेक, आदर्श, जगदंबा और कार्तिकेय के द्वारा निर्गुण भजन प्रस्तुत किया गया। इसके बोल थे फुहरों न जागे, छिटक गईलें घमवा, कौनो ठगवा नगरीय लूटल हो सुनाकर मुग्ध कर दिया। इसके बाद जो मैं जानती बिसरत है सइया, तो घूंघटा में आग लगा देती सुनाकर लोगों को भक्ति रस में डुबो दिया। कार्यक्रम अधिकारी विनोद शुक्ल, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी नरसिंह त्यागी, मोतवल्ली खादिम हुसेन, संत शांति दास, अवर अभियंता संतोष यादव, अवधेश सिंह, मुन्ना खान, सदानंद यादव, संत सेवक दास, विजय तिवारी, गणेश सिंह, सन्त वैद्य रामशरन दास, विनोद दास, कल्पनाथ दास आदि मौजूद रहे।
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विजय कपूर और दल के भजनों पर झूमे लोग
सांस्कृतिक विभाग प्रयागराज की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत संतकबीर अकादमी के ऑडिटोरियम में भजन गायक विजय कपूर एंड दल वाराणसी के द्वारा खूबसूरत भजन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की संचालिका दूरदर्शन की रीता श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की शुरुआत की। भजन गायक विजय कपूर ने गाया पानी बिन बताशा संतों, तन का यही तमाशा सुनाकर लोगों को मुग्ध कर दिया। इसके बाद उन्होंने जग में गुरु समान नहीं दाता सुनकर खूब तालियां बटोरीं। कौन गुमान में भुलाइले मोरे मानवा सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद मन लगा मेरो यार, फकीरी में सुनाकर लोगों को भक्ति रस का रसपान कराया। इस दौरान उत्तरमध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक डॉ. सुरेश शर्मा, हरिशरण शास्त्री, पूर्व चेयरमैन नूरुज्जमा अंसारी, संत राम सेवक दास, मुकेश यादव आदि मौजूद रहे।
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