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Sant Kabir Nagar News: दिवाली में मिलावटी मिठाई-पनीर से रहें सावधान

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संतकबीरनगर। दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी। पर्व पर मिठाई की मांग को देखते हुए धंधेबाज सक्रिय हो गए हैं। डिमांड पूरी करने के लिए जिले में बाहर से डिब्बाबंद मिठाई और पनीर मंगा रहे हैं। बाजार से मिठाई की खरीदारी करते समय मिलावट से सावधान रहने की जरूरत हैं। जांच परख के बाद ही बाजार से मिठाई खरीदें, मिलावटी मिठाई और पनीर बीमार कर सकती है।
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बुधवार को खाद्य विभाग की टीम ने रेडीमेड दूषित मिठाई को नष्ट कराया है, जिससे यह आशंका है कि इस बार मिलावटी मिठाई बाजार में आ गई है। दिवाली पर मिठाई की मांग ज्यादा होती है। दुकानदार भी मिठाई की मांग को देखते हुए बाहर से डिब्बाबंद मिठाई मंगाते हैं।
यह मिठाई गोरखपुर, गोंडा और आजमगढ़ से आती है। ऐसे में उन्हें लेने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। इसमें केमिकल युक्त पाउडर, सस्ता वनस्पति घी और रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल होता है। यह शहर के तमाम जगहों में बिक रहे हैं। जो सेहत के लिए खतरनाक है। ऐसे में अच्छी दुकान से ही मिठाई खरीदें। दिवाली में आठ दिन शेष रह गए हैं। इसको लेकर मिलावटी मिठाई को खपाए जाने की तैयारी है, जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
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मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत की परवाह तक नहीं करते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। खाद्य सुरक्षा विभाग भी समय-समय पर इसके विरुद्ध अभियान चलाता है। बुधवार को खाद्य टीम ने बाला जी ट्रेडर्स पर छापा मारा था। जहां रेडीमेड दूषित मिठाई बरामद हुई, जिसे नष्ट करा दिया गया। ऐसे में लोग अगर मिठाई खरीदें तो उसकी जांच परख कर लें। उसकी एक्सपायरी डेट के बारे में जरूर पूछें।
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खाद्य पदार्थों में मिलावटी रंग पर है रोक

अगर आप मिठाई खरीद रहे हैं तो रंगीन मिठाई खरीदने से बचें। इस पर रोक है। इसके साथ ही मिठाई में सनसेट कलर, अनाटो, ब्रिलिएंट ब्लू, बीटा, कार्मेल समेत कुछ खाद्य रंग मिलाए जा सकते हैं। सहायक आयुक्त खाद्य सतीश कुमार ने बताया कि कुछ खाद्य रंग मिलाए जा सकते है लेकिन उसकी मात्रा तय है।
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बाहर से आती है डिब्बा बंद मिठाई
जिले में बाहर से डिब्बाबंद मिठाई आती है। इसकी खपत जिले में ज्यादा है। इसमें बर्फी, पेड़ा, पपड़ी, रसगुल्ला, लाल मोहन शामिल है। यह मिठाई 160 रुपये से 180 रुपये किलो तक मिलती है। यहां आने के बाद इसका भाव 260 से 320 रुपये हो जाता है, जिससे व्यापारियों का काफी फायदा होता है। इसमें उन्हें कारीगर नहीं रखने पड़ते हैं। उसका खर्च बचता है।

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खराब मिठाई को फिर से बना देते हैं बर्फी
जो मिठाई एक सप्ताह से अधिक पुरानी हो जाती है और वह खराब हो जाती है। कारीगर उसे फिर भूनकर चॉकलेट बर्फी बना देते हैं। इसमें वह चीनी का प्रयोग करते हैं। इसके बाद यह फिर बिक्री के लिए तैयार हो जाती है। अगर इसका लगातार सेवन किया जाता है तो यह पेट के लिए हानिकारक है।
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नकली-असली पनीर की ऐसे करें पहचान

सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतीश कुमार ने बताया कि असली और नकली पनीर की पहचान हाथों से मसलकर लगा सकते हैं। अगर आपका पनीर मसलने के बाद टूटकर गिरने लगता है। इस स्थिति में समझ जाइए कि पनीर नकली है। नकली पनीर की पहचान पानी में उबालकर भी कर सकते हैं। इसके लिए पनीर को पानी में उबालने के लिए रखना है। इसके बाद पनीर को पानी से निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद पनीर पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ देना है। ऐसा करने के बाद अगर पनीर का रंग हल्का लाल हो जाता है तो खरीदा गया पनीर डिटर्जेंट या यूरिया से बनाया गया है।
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मिठाई व पनीर में मिलावट सेहत के लिए नुकसानदेह है। इसमें अगर केमिकलयुक्त कलर मिला हुआ है तो वह सीधे लिवर पर असर डालता है। पेट के लिए भी इस तरह के केमिकल नुकसानदायक होते हैं। मिलावटी मिठाई किडनी, लिवर, पेट के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं।
-डॉ. कुमार सिद्धार्थ, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल

बुधवार को धनघटा में 40 किलो दूषित मिठाई नष्ट कराई गई है। इसको लेकर लगातार छापेमारी की जा रही है। नमूना भी लिया जाता है और उसके फेल होने पर कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाता है। दिवाली को देखते हुए छापेमारी अभियान चल रहा है। लोग मिठाई खरीदने से पहले उसकी जांच पड़ताल कर लें।
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-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन
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