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रहें सावधान : सहालग में मिलावटी पनीर खपाने की तैयारी में धंधेबाज

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बाजार की एक दुकान में रखा पनीर। संवाद
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संतकबीरनगर। सहालग में धंधेबाज मिलावटी पनीर खपाने की तैयारी में जुट गए हैं। इसलिए खरीदारी करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। बुधवार से शुरू हो रहे सहालग में मांग को देखते हुए धंधेबाज बाहर से पनीर मंगाने की तैयारी में लगे हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी तैयार पनीर दुकानों पर बेचा जाता है। पिछले साल तीन क्विंटल खराब पनीर पकड़ कर विभाग ने नष्ट करा दिया था।
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खलीलाबाद-धनघटा रोड के कई गांवों में डेयरी है। यहां पनीर तैयार किया जाता है। शादी के समय ऑर्डर लेकर सप्लाई भी की जाती है। इसके अलावा दुकानों पर बिक्री के लिए पहुंचाया जाता है। मांग को देखते हुए गोरखपुर के सीमावर्ती इलाकों की डेयरी से भी पनीर की आपूर्ति होती है। सिकरीगंज, महादेवा व खजनी से पनीर धनघटा के रास्ते जिले के बाजारों में पहुंचता है। शादियों में जरूरत को पूरा करने के लिए लोग धड़ल्ले से खरीदारी भी करते हैं।
धंधेबाज इसी बढ़ी खपत का फायदा उठाते हैं और मिलावटी पनीर बेचकर लाभ कमाते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले सतर्कता आवश्यक है, वरना मिलावटी पनीर सेहत बिगाड़ देगा। पिछले साल खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मार्च और अप्रैल में जिले के विभिन्न जगहों से पनीर के सैंपल लिए थे और उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पनीर में फैट की मात्रा नहीं थी।
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पाउडर और पाम ऑयल का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किया गया था। पनीर में फैट न होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। धंधेबाज पनीर में वजन बढ़ाने और सफेदी के लिए स्टार्च (अरारोट/मैदा), डिटर्जेंट की भी मिलावट करते हैं। यह नकली पनीर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे पाचन, लीवर व किडनी में दिक्कत हो सकती है।


विभाग ने पकड़ा था बस्ती का पनीर
संतकबीरनगर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने पिछले साल अक्टूबर में बस्ती से लाई जा रही दूषित मिलावटी पनीर की तीन क्विंटल की खेप पकड़ी थी। इसके बाद इस पनीर को नष्ट करवा दिया था। विभाग ने सूचना मिलने के बाद सचल दल को रवाना किया। कर्मियों ने एचआरपीजी काॅलेज के पास पनीर को पकड़ा। इस पनीर से दुर्गंध आ रही थी। यह पनीर बस्ती से लाया जा रहा था। यह रिफाइंड तेल और मिल्क पाउडर से तैयार किया गया था। टीम ने नवीन मंडी के पीछे गड्ढे में दबाकर नष्ट करा दिया था।
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कोट,
मिलावटी पनीर की जांच की जाती है। खराब मिलने पर उसे नष्ट भी कराया जाता है। आगे भी मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान जारी रहेगा।
-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन
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