जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को परामर्श देते चिकित्सक।
संतकबीरनगर। मौसम में हो रहे बदलाव से जहां लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, बुखार ठीक होने के बाद गले का संक्रमण लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहा है।
गला खराब होने के साथ ही लगातार खांसी की समस्या हो रही है। यही कारण है कि जिला अस्पताल में खांसी और गला खराब होने से मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि कुछ सावधानियां बरत कर इससे बचाव किया जा सकता है।
पिछले कुछ समय से बुखार की चपेट में अधिक लोग आ रहे हैं। परिवार में किसी एक सदस्य को बुखार होने पर अन्य भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं।
बुखार का कारण मौसम में बदलाव व खानपान सही न होना बताया जा रहा है, जहां बुखार करीब एक सप्ताह तक लोगों को परेशान कर रहा है। वहीं, उसके बाद कुछ ज्यादा ही परेशानी झेलनी पड़ रही है। बुखार ठीक होने के 15 दिन बाद तक गले का संक्रमण लोगों को परेशान कर रहा है।
जिला अस्पताल में जहां इस तरह के रोजाना करीब 30 से 40 मरीज खांसी और गला खराब होने के पहुंच रहे हैं और उपचार करा रहे हैं। फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ का कहना है कि बुखार के बाद गले संक्रमण होने की समस्या बढ़ती जा रहीं हैं। तापमान में अधिक अंतर होने के कारण लोग ठंडी के साथ ही खट्टी चीजों का सेवन कर रहे है। इससे संक्रमण बढ़ने की आशंका रहती है। इससे घबराने की जगह उपचार कराएं तो यह ठीक हो जाता है।