संतकबीरनगर। जालसाजी, धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, पहचान छिपाकर दूसरे व्यक्ति का रूप धारण करने और आपराधिक षड्यंत्र के जरिए 40 लाख रुपये हासिल करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने आरोपी जितेंद्र गिरी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
मामला कोतवाली खलीलाबाद से जुड़ा है। गोरखपुर के थाना गीडा क्षेत्र के पिपरौली निवासी गुड्डी गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज किया था। विवेचना के दौरान अनुबंध पत्र में गवाह के रूप में जितेंद्र गिरी का नाम सामने आया। आरोप है कि उसने अन्य सह आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी और कूटरचित बंध पत्र का इस्तेमाल करते हुए धोखाधड़ी से जमीन का अनुबंध पत्र तैयार कराने में भूमिका निभाई।
मामले में तीन लाख रुपये के ई-स्टांप पेपर को खराब करने और कूटरचित दस्तावेजों के जरिये 40 लाख रुपये प्राप्त करने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोपी की ओर से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता और विवेचना में सामने आए तथ्यों को अदालत के समक्ष रखा गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह ने थाना गीडा क्षेत्र के बांंसपार निवासी आरोपी जितेंद्र गिरी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।