संतकबीरनगर में कलेक्ट्रेट में आयोजित दिशा की बैठक को संबोधित करते सांसद प्रवीण निषाद।
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बगैर सरकारी तंत्र की मिलीभगत से घोटाला हो नहीं सकता : सांसद
संतकबीरनगर। जिला विकास समन्वय तथा निगरानी समिति की बैठक शुक्रवार को सांसद प्रवीण निषाद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें समस्याओं और उसके निराकरण में जिम्मेदारों की लापरवाही का मुद्दा छाया रहा। गरमा-गरम बहस के बीच बैठक में कई ऐसे मुद्दे जनप्रतिनिधियों ने गिनाए, जो पिछली बैठक में भी उठा था और अब तक निराकरण नहीं हो पाया। कई ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में उजागर हुए घपले के उठे मुद्दे पर सांसद ने कहा कि बगैर सरकारी तंत्र की मिलीभगत से भ्रष्टाचार हो ही नहीं सकता। सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने कई मुद्दे उठाए और जिम्मेदार अधिकारियों को सुधार की चेतावनी दी।
नाथनगर के ब्लॉक प्रमुख दिगपाल पाल, खलीलाबाद के ब्लॉक प्रमुख मनोज राय और हैंसर के ब्लॉक प्रमुख प्रिंस अगम सिंह ने मनरेगा के तहत क्षेत्र पंचायत में काम नहीं होने का मुद्दा उठाया। डीसी मनरेगा ने गाइड लाइन का जिक्र किया। प्रमुखों ने कहा कि दो-दो करोड़ रुपये हैं और काम एक भी नहीं हुआ। स्टीमेट तक तो बन ही रहा है तो काम आखिर कैसे हो। सीडीओ बब्बन उपाध्याय ने हस्तक्षेप किया और प्रमुखों से आग्रह किया है प्रत्येक ब्लॉकों में कम से कम दस-दस काम शुरू कराएं तो आगे स्थिति सुदृढ़ हो जाएगी। पीडी प्रमोद यादव ने गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम का जिक्र किया और स्वयं सहायता समूहों के जरिए बनाए जाने वाले अगरबत्ती सदन के सदस्यों को भेंट करते हुए आग्रह किया कि इसका प्रचार-प्रसार करने में मदद करें। प्रधानमंत्री सड़क योजना का जिक्र हुआ तो पिछले वर्ष के दो कामों के अधूरे होने की जानकारी दी गई। बंडा से बरगदवा और मेंहदावल से लोहरन की सड़क का निविदा निकलने और उसके जल्द काम शुरू होने की जानकारी एक्सईएन ने दी। उसी बीच मुठही से मडपौना और मगहर कटसहरा मार्ग के बीच जिले की सीमा में तीन किलोमीटर दूरी की सड़क की बदहाली का मुद्दा उछला। बूधा से मुंडेरवा मार्ग पर जिले की सीमा में तीन किलोमीटर दूरी की बदहाल सड़क का जिक्र हुआ तो एक्सईएन ने बताया कि टेंडर निकल गया है। जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा। डीएम रवीश गुप्त ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि तत्काल काम करने की आदत डालें। यदि कोई व्यक्तिगत समस्या बताई जाए तो उसे निर्धारित समयसीमा के भीतर कर दें। अयोध्या प्रकरण पर आने वाले निर्णय को लेकर सौहार्द बनाने में जनप्रतिनिधियों से मदद की अपील की। सांसद प्रवीण निषाद ने कहा कि भारत सरकार की 42 योजनाओं की समीक्षा के लिए दिशा की बैठक हुई। इसमें जो कमियां उभर कर सामने आई हैं, उसे दूर किए जाने पर ध्यान होना चाहिए। अधिकारी जब समस्याएं नहीं सुनते है, तभी पीड़ित जनप्रतिनिधि के पास पहुंचते हैं। धान की कटाई में कोई रुकावट न आए। सिपाही खड़े होकर कंबाइन न चलवाएं और न ही कोई अधिकारी अनावश्यक रूप से रोके। शासन और सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का अनुपालन कराते हुए किसानों को सहूलियत दी जाए।
शौचालय के मुद्दे पर डीपीआरओ को घेरा
जैसे ही डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने जनपद में बनवाए गए शौचालयों, उन पर खर्च हुए बजट और उपलब्ध बजट के साथ जिले की बड़ी आबादी वाले 18 ग्राम पंचायतों में शौचालयों की जांच कराए जाने व एक गांव में वसूली निर्देश निर्गत किए जाने का जिक्र किया, वैसे ही जनप्रतिनिधियों की ओर से सवालों की बौछार कर दी गई। विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने सवाल किया कि एक सप्ताह में कितने गांवों का निरीक्षण डीपीआरओ की ओर से किया गया है। डीपीआरओ ने दस गांव बताए तो फिर विधायक ने गांवों के नाम पूछ लिया। इस पर डीपीआरओ ने चुप्पी साध ली। इसी बीच नाथनगर के प्रमुख दिगपाल पाल ने कोदवट गांव का मुद्दा उठाया। विधायक ने कोदवट गांव के शौचालयों की जांच खुद डीपीआरओ को टीम के साथ कर मामले को निस्तारित करने की सलाह दी। इसके साथ नियमित गांवों का भ्रमण कर शौचालयों का हाल जानने की नसीहत दी। शिक्षक एमएलसी प्रतिनिधि हरिबख्श सिंह ने परिषदीय स्कूलों के शौचालयों की दशा सुधारने की मांग रखी। पेंशन पुनरीक्षण में सेवानिवृत्त शिक्षकों से दलालों के माध्यम से पैसा लिए जाने का आरोप लगाते हुए व्यवस्था में सुधार किए जाने की मांग की। अमर मणि पांडेय ने रजापुर सरैया गांव में मृतक व्यक्ति के नाम से शौचालय का आवंटन कर रकम निकाल लिए जाने का मुद्दा उठाया।