फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बालक की हत्या के आरोप में बसपा नेता का बेटा और दोस्त गिरफ्तार

विज्ञापन
बालक की हत्या के मामले में पकड़े दोनों आरोपित। - फोटो : KHALILABAD
विज्ञापन
बालक की हत्या के आरोप में बसपा के
विज्ञापन

पूर्व जिलाध्यक्ष का बेटा व दोस्त गिरफ्तार
बालक की मां को सबक सिखाने के लिए आरोपितों ने की थी वारदात
पुलिस को गुमराह करने के लिए मौके पर चूड़ी और सिंदूर भी रख दिया
संतकबीरनगर। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर बालक की पानी भरे गड्ढे में डुबो कर हत्या की थी। पुलिस को गुमराह करने के लिए मौका-ए-वारदात पर चूड़ी और सिंदूर रख दिया था। सोमवार को पुलिस ने बसपा नेता के बेटे और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर पूछताछ की, तो बालक की हत्या से राज उठ गया।
एसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि खलीलाबाद शहर के मोहल्ला मटिहना निवासी सात वर्षीय अरुण पुत्र स्वर्गीय श्यामसुंदर चार मार्च की सुबह नौ बजे घर से लापता हो गया था। मां प्रमिला देवी ने बेटे की काफी खोजबीन की। जब पता नहीं चला तो उसी दिन कोतवाली में बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस बालक की तलाश में जुटी थी। रविवार को महुली क्षेत्र के हरिहरपुर के पास कठिनईया नदी के किनारे गेहूं के खेत में बालक का शव मिला। उसके दोनों हाथ और गला बंधा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डुबो कर हत्या करने की बात सामने आई।
विज्ञापन

एसपी ने बताया कि कोतवाल विजय नारायन प्रसाद और एसओजी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह की टीम ने शक के आधार पर बिधियानी के पास से मटिहना मोहल्ला निवासी रवि चंद उर्फ मंटू और उसके दोस्त धनेश्वर उर्फ झिगेंलाल को गिरफ्तार किया। उनके पास से घटना में प्रयुुक्त बाइक, मोबाइल फोन और 500 रुपये बरामद हुआ। रवि चंद बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र राव का बेटा है। पूछताछ में रवि चंद ने पुलिस को बताया कि बालक की मां प्रमिला देवी को वह सबक सिखाना चाहता था। इसके लिए उसने मोहल्ले के रहने वाले दोस्त धनेश्वर उर्फ झिगेंलाल की मदद ली। चार मार्च को अरुण को उसके घर से बुलाया। फिर बाइक पर बीच में बालक और पीछे धनेश्वर बैठा था। बालक को तामेश्वरनाथ ले गए और मेला दिखाया। फिर महुली क्षेत्र के कठिनईया नदी के रामघाट पुल के उस पार ले गए, जहां उसके दोनों हाथ बांध दिए और पानी से भरे गड्ढे में डुबो कर हत्या कर दी। शव को छिपाने के उद्देश्य से गेहूं के खेत में रख दिया। पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए घटना स्थल पर चूड़ी और सिंदूर रख दिया, ताकि पुलिस तंत्रमंत्र को आधार बनाकर जांच करे। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज दिया।
एसपी ने पुलिस टीम को दिया दस हजार इनाम
एसपी डॉ. कौस्तुभ ने बालक की हत्या का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। पुलिस टीम में कोतवाल विजय नारायण प्रसाद, एसओजी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, कांस्टेबल इंद्रजीत प्रजापति, शुभम कुमार, मिंटू गुप्ता, हेड कांस्टेबल विनोद यादव, कांस्टेबल ऋषिवेद तिवारी, अभिषेक सिंह, मनोज कुशवाहा, रमेश यादव, सर्विलांस टीम के कांस्टेबल प्रदीप कुमार कुशवाहा, अभय उपाध्याय आदि शामिल रहे।
आरोपितों ने बालक को खोजने में पीड़ित मां की मदद भी की
धनघटा। बालक की हत्या के दोनों आरोपितों को पुलिस सोमवार को महुली क्षेत्र के राजघाट पुल के पास टिकुईकोल चौबे गांव के सीवान में ले गई। पुलिस ने आरोपितों से घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटाई। आरोपितों ने हत्या के दौरान अपनाए गए तौर-तरीके भी बताए।
विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अरुण को जब पानी भरे गड्ढे में डुबोया, तो वह छटपटाता रहा। जब उसकी सांसें थम गईं तो हाथ-पैर पटकना बंद हो गए। तब करीब 60 मीटर दूर गेहूं के खेत में धोती से बालक का गला कस दिया। कपड़े भी उतार दिए। बाद में उसे कठिनईया नदी में फेंक दिया। पीड़ित की मां को कोई आशंका न हो, इसलिए आरोपितों ने बालक को खोजने में उनकी मदद भी की। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें