संतकबीरनगर। प्राइमरी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों में संकल्पनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने और उनमें समझदारी विकसित करने के लिए अब दक्षता आधारित पढ़ाई करवाने की पहल की जा रही है। इसमें रंगीन और आकर्षक शिक्षण सामग्री तैयार की जाएगी। इससे छात्रों को रुचिकर तरीके से सीखने में मदद करेगी। जल्द ही यह शिक्षण सामग्री जिले के सभी विद्यालयों में वितरित की जाएगी।
जनपद में 1247 परिषदीय और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब एक लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को सुदृढ़ शिक्षा मिल सके, इसके लिए शासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है। जिसमें तमाम योजनाएं और गतिविधियां कराई जा रही हैं।
अब शासन के निर्देश पर प्राइमरी विद्यालयों के बच्चे बोझिल पुस्तकों की जगह चित्रों वाली (प्रिंट रिच सामग्री) से पढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
जिससे कि विषय पाठ्य सामग्री को बच्चे आसानी से समझ सकेंगे और पढ़ाई आसान व सुगम होगी। इसमें पांच बड़े हिंदी बिग बुक्स, पांच पोस्टर जिनमें जीवन व सामाजिक सरोकार से जुड़े चित्र शामिल रहेंगे, जोकि बच्चों को कहानियां बनाने में मदद करेंगे। इसी प्रकार गणित की संख्या की समझ विकसित करने के लिए शिक्षण सामग्री रहेगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार कहानी वाली शैक्षिक सामग्री आसानी से लंबे समय तक याद रह सकने में मदद करेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही यह शिक्षण सामग्री जिले के सभी विद्यालयों में वितरित की जाएगी।