कार्यक्रम को संबोधित करते पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी
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धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार के ब्लॉक सभागार में बुधवार को अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी ने अटल जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
सतीश द्विवेदी ने कहा कि अटल जी भारत के सर्वमान्य निर्विवाद नेता थे। अटल जी ने भारत को सिर्फ एक राष्ट्र के रूप में ही नहीं देखा अपितु उसे एक साक्षात रूप में स्वीकार किया।अटल जी का मानना था कि देश का वैभव जब ऊंचा होगा तभी देश में खुशहाली और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि अटल जी के अंदर अदम्य साहस और कुछ कर गुजरने की अभूतपूर्व क्षमता थी। जिसका जीता जागता उदाहरण परमाणु परीक्षण है। उन्होंने कहा कि अटल जी की प्रतिभा को विपक्ष भी स्वीकार करता था। जिनेवा में भारत के प्रतिनिधि के रूप में अटल जी को देश का पक्ष रखने के लिए कांग्रेस सरकार ने भेजा था।
गोरखपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष मार्कंडेय राय ने कहा कि अटल जी हमेशा सकारात्मक राजनीति के पक्ष धर रहे। वह कभी भेदभाव क्षेत्रवाद जातिवाद वह सामुदायिक बंटवारे की राजनीति में विश्वास नहीं रखते थे। उन्होंने कहा कि अटल जी ने कभी सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने अटल बिहारी बाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनका समूचा जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष जगदंबा लाल श्रीवास्तव, बद्री प्रसाद यादव, फतेह बहादुर सिंह उर्फ जोखई सिंह, राममिलन यादव, अमर राय, अशोक यादव, गणेश पांडेय, अंकुर पांडेय, जन्मेजा मिश्रा, सर्वेश पांडेय, विजय सेन सिंह उर्फ सोनू सिंह, शिव मद्धेशिया, जनक नंदिनी पांडेय, दिलीप राय, ओमप्रकाश राय, परमजीत चौहान आदि लोग मौजूद रहे।