संतकबीरनगर। जनवरी में होने वाली इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाओं की इस बार रिकॉर्डिंग की जाएगी। ताकि नकल की आशंका न रहे। इसके लिए एप भी बनाया गया है। परीक्षा केंद्र से 200 मीटर दूर जाने के बाद एप काम नहीं करेगा। इससे परीक्षक सेंटर पर ही परीक्षा लेंगे। साथ ही परीक्षा केंद्र से ही पोर्टल पर नंबर अपलोड किए जाएंगे।
इस बार इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा में शुचिता और पारदर्शिता के लिए तकनीक का उपयोग किया जाएगा। वायवा के दौरान प्रधानाचार्यों को वीडियो रिकॉर्डिंग करने के निर्देश दिए गए है। यूपी बोर्ड के सचिव के निर्देश पर इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा को ड्यूटी लगाने के पहल शिक्षकों का विवरण माध्यमिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है। प्रायोगिक परीक्षा के लिए जिन परीक्षकों की डयूटी लगेगी, उन्हें नई व्यवस्था के तहत एप पर ही पासवर्ड ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
उसी शिक्षक की परीक्षक के रूप में ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनके पास संबंधित विषय की अर्हता हो। साथ में वह विद्यालय में वही विषय पढ़ा रहे हों। यानी अगर कंप्यूटर विषय में भी अर्हता है, इतिहास या कोई अन्य विषय पढ़ा रहे हैं, तो उनकी डयूटी कंप्यूटर विषय की प्रायोगिक परीक्षा में नहीं लगेगी। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि शासन की ओर से अभी कोई ऐसा निर्देश नहीं आया है। निर्देश आता है तो निश्चित तौर पर पालन कराया जाएगा।