संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजेंद्र की अदालत ने रेलवे में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी और वित्तीय जालसाजी करने मामले में आरोपी अरविंद श्रीवास्तव उर्फ अरविंद शिव कुमार श्रीवास्तव की अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई के उपरांत निरस्त कर दी। जयशंकर सिंह पुत्र नागेंद्र सिंह निवासी गोरखल कोतवाली ने जन शिकायत प्रकोष्ठ में 3 मार्च 2025 को एक शिकायत की थी कि उन्होंने लुधियाना में रहकर शिक्षा ग्रहण की, परंतु अपने गांव अक्सर आते जाते रहता थे।
उनके घर पर मुकेश वर्मा और प्रिंस वर्मा आए और मुकेश ने अपना नियुक्ति पत्र दिखाकर कहा कि उसे रेलवे में नौकरी मिल गई है और 20 अक्टूबर 2021 को नौकरी लगवाने के नाम पर प्रिंस वर्मा और मुकेश वर्मा ने अलग-अलग तारीखों में अलग-अलग लोगों के खाते में 13,92,250 जमा करवा लिए और जयशंकर को 2022 में लखनऊ बुलाकर रेलवे का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया।
इन लोगों का एक गिरोह है जो फर्जी नियुक्ति का कार्य करता है। जब उसने अपना पैसा वापस लेने गया तब सब फरार हो गए। कुल नौ लोगों का गैंग बताया जाता है, जिसका मास्टरमाइंड प्रिंस वर्मा है। आरोपी के विरुद्ध 3 और मामले लंबित हैं तथा आरोपी फरार चल रहा है। केस डायरी के अवलोकन, यूटी आर नंबर के अवलोकन और अन्य साक्ष्य के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजेंद्र की अदालत ने आरोपी अरविंद श्रीवास्तव उर्फ अरविंद शिवकुमार श्रीवास्तव की अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई के बाद निरस्त कर दी।
इसी मामले में गैंग सरगना प्रिंस वर्मा की जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त हो चुकी है।