संतकबीरनगर। वर्तमान में शरीर में तमाम तरह की परेशानी देखने को मिल रही है। गर्मी के मौसम में डायरिया के साथ एनीमिया के मरीज बढ़ने से चिकित्सक भी परेशान हैं। कमजाेरी व बेहोशी की शिकायत लेकर रोज 12 से 15 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। हीमोग्लोबिन कम होने से चिकित्सक खून चढ़ाने की सलाह दे रहे हैं। एक माह के आंकड़ों को देखा जाए तो 120 से अधिक मरीजों को ब्लड चढ़ाया गया है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एपी मिश्र ने बताया कि पहले सप्ताह में पांच से आठ मरीज एनीमिया की शिकायत लेकर आते थे। वहीं यह संख्या अब 12 से 15 प्रतिदिन हो गई है। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग व महिलाएं शामिल हैं। बदलते मौसम व खान-पान के कारण एनीमिया के मरीज बढ़े हैं। फास्ट फूड की जगह हेल्दी भोजन की आवश्यकता है। ताकि शरीर में ब्लड की कमी न होने पाए। बताया कि शरीर में बार-बार हीमोग्लोबिन की कमी से एनिमिया होता है। यह कई गंभीर बीमारियों को आमंत्रण देता है। इसमें लापरवाही से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एनीमिया की समस्या में व्यक्ति काफी थका हुआ और कमजोर महसूस करता है। इसके अलावा त्वचा भी पीली पड़ने लगती है। बताया कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की वजह से होने वाले बच्चे पर भी असर पड़ सकता है। बच्चों में इस बीमारी से उनके विकास में बाधा आ सकती है। जबकि किशोरों को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
एनीमिया से करें बचाव
एनीमिया से बचने के लिए खानपान पर संयम रखना होगा। इसके लिए एनीमिया मरीज चुकंदर, पालक, सोयाबीन, टमाटर, अंडे, अनार, अनाज की रोटी, बीज और ड्राई फ्रूट्स, सी फूड, सेब, खजूर आदि को शामिल कर सकते हैं। इससे शरीर में खून की कमी की समस्या से निजात मिल सकती है। वही एनीमिया मरीज को चिप्स, अचार, मछली आदि जैसे मसालेदार, खट्टे और नमकीन चीजें खाने से बचना चाहिए।