संतकबीरनगर। मौसम में हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। सर्दी और खांसी के साथ-साथ अब नाक, कान और गले के संक्रमण के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ईएनटी (नाक-कान-गला) ओपीडी में प्रतिदिन 70 से 80 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र प्रसाद का कहना है कि इन दिनों प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज ईएनटी की ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जिनमें अधिकतर बच्चे और युवा शामिल हैं। मरीजों को गले में खराश, दर्द, सूजन, खांसी और आवाज बैठने जैसी समस्याएं हो रहीं हैं। कई लोगों को नाक बंद होना, कान में दर्द और संक्रमण की शिकायत भी हो रही है।
उनका कहना है कि मौसम में अचानक हो रहे बदलाव, ठंडी और गर्म हवा के असर व खान-पान में लापरवाही के कारण इस तरह की समस्याएं बढ़ रहीं हैं। ठंडे पेय पदार्थों का अधिक सेवन और धूल-धुआं भी संक्रमण का कारण बन रहा है। बच्चों में खासतौर पर गले के संक्रमण और टांसिल की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि बदलते मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। ठंडी चीजों के सेवन से बचें। गले में खराश या दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। यदि समय रहते उपचार न कराया जाए तो सामान्य संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें।
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ऐसा करें
-सुबह-शाम हल्की ठंड से बचने के लिए हल्के गर्म कपड़े पहनें।
- गुनगुना पानी पीयें। दिन में एक-दो बार नमक के पानी से गरारे करें।
- गर्म और ताजा खाना खाएं।
- बाहर से आने के बाद हाथ और मुंह अच्छी तरह धोएं।
- धूल या प्रदूषण वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
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ऐसा न करें
- आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन न करें।
- धूल-धुआं और तेज ठंडी हवा के सीधे संपर्क में न आएं।
- पसीना आने के बाद तुरंत ठंडी हवा या कूलर/एसी के सामने न बैठें।
- गले में दर्द, खराश या आवाज बैठने की समस्या को नजरअंदाज न करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।