मगहर। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग क तरफ से शनिवार को कबीरचौरा के तानाबाना केंद्र पर एतिहासिक व पुरातात्विक विषयक पर निबंध व छाया चित्रकला प्रतियोगिता तथा पुरातात्विक स्मारक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संतकबीर आचार्य रामबिलास इंटर काॅलेज मगहर व कसीमुन्निशा गर्ल्स इंटर काॅलेज मगहर के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य संरक्षित स्मारक संत कबीर की समाधि एवं मजार का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
निबंध प्रतियोगिता में संतकबीर आचार्य रामबिलास इंटर काॅलेज मगहर की कक्षा नौ की आकांक्षा प्रथम, सुष्मिता द्वितीय और श्रेयसी श्रीवास्तव को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। जबकि चित्रकला प्रतियोगिता में कसीमुन्निशा गर्ल्स इंटर काॅलेज मगहर की कक्षा 10वीं की नसीमा प्रथम, अफीफा खातून को द्वितीय तथा 12वीं की तय्यबा खातून को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। विजेताओं को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। प्रवक्ता मुकेश कुमार यादव ने कहा कि हमारी विरासत ही हमारी संस्कृति की पहचान है। इसके प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली भी हमारी एक सांस्कृति धरोहर है। इसके महत्व को समझने की आवश्यकता है। भूजल स्तर बराबर गिरता जा रहा है। ऐसे में हमें पेयजल को संरक्षित करने की आवश्यकता है। पुरातत्व कर्मचारी दुर्गेश सिंह ने कहा कि कबीर हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतिमूर्ति हैं। विश्व भूजल सप्ताह के अवसर पर हमें चाहिए कि जल को अनावश्यक रूप से खर्च करने से बचें। जल ही जीवन है। आज जल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। जिस पर हमें सोचने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन विजय प्रताप त्रिपाठी ने किया।
इस अवसर पर महंत विचारदास, हरिश्चंद आजाद, आशुतोष सिंह, राजेश कुमार चंद, प्रमिला पांडेय, दुर्गेश कुमार सिंह, विजयरत्न शुक्ल, रजनीश त्रिपाठी, मोखन प्रसाद, कृपा शंकर, अब्दुल गफ्फार, अबुल कुमार, आशुतोष, प्रियंका, आबिदा आदि मौजूद रहे।