सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में बुधवार को एआई कर्मशक्ति कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावहारिक उपयोग से अवगत कराना था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल तकनीकी उपकरण नहीं बल्कि प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने विशेष रूप से कार्यालयीन कार्यों जैसे पत्र लेखन, रिपोर्ट निर्माण, डाटा विश्लेषण, अभिलेख संधारण, अनुवाद तथा फाइल प्रबंधन में एआई के प्रभावी और सुव्यवस्थित प्रयोग के व्यावहारिक तरीके साझा किए। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग सदैव नैतिकता, गोपनीयता और संस्थागत मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए, जिससे कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव ने कहा कि डिजिटल युग में कार्य संस्कृति को समयानुकूल बनाना अत्यंत आवश्यक है।
एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से कार्यों की गति, शुद्धता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने कर्मचारियों को नई तकनीकों को अपनाने, सतत प्रशिक्षण प्राप्त करने और कार्य निष्पादन में नवाचार को स्थान देने के लिए प्रेरित किया। यह जानकारी सूचना और जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने दी है।