फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: शेषनाथ की आत्महत्या के बाद घर में पसरा सन्नाटा, घटना से आहत दिखे लोग

Thu, 10 Apr 2025 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
बेलहर। ऑनलाइन जुआ तथा सट्टेबाजी में 30 लाख रुपये हारने के बाद मुंबई में आत्महत्या करने वाले बेलहरकला थानाक्षेत्र के लोहरसन गांव के निवासी शेषनाथ के घर बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। इस घटना से परिवार के लोग आहत दिख रहे हैं। मुंबई में शव के पोस्टमार्टम के बाद वहां पर मौजूद शेषनाथ के मामा, मौसा और गांव के लोगों ने कुर्ला के ही श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार करवा दिया।
विज्ञापन

मृतक के भाई दिग्विजय विश्वकर्मा पुत्र रिखई ने बताया कि मुंबई में ही छोटे भाई शेषनाथ विश्वकर्मा का दाह संस्कार किया गया है। उन्हें इस बात का दुख है कि दाह संस्कार में परिवार का कोई सदस्य नहीं जा पाया। मामा राजकुमार, मौसा और मुंबई में रहने वाले गांव के लोग भाई का अंतिम संस्कार किया। वह कहते हैं कि अगर उसे कोई परेशानी थी तो हमसे कहता, हम उसे दूर करते। आत्महत्या क्यों कर ली? यह हमारे परिवार की बड़ी क्षति है। माता गीता देवी ने बताया कि सोमवार को शाम में फोन पर हमसे बात हुई थी, लड़का बहुत खुश था उसके बाद फोन काट दिया। आधे घंटे बाद मैंने फिर लगाया तो बात हुई थी, लेकिन हमें पता नहीं था कि मेरा बेटा इस दुनिया से चला जाएगा।

पैसा न मिलने पर रोने लगता था बेटा
माता गीता देवी के आंसू सूख चुके हैं। पिता पूरी तरह से निढाल हो गए हैं। माता ने बताया कि बेटे को अगर पैसा नहीं मिलता था तो वह रोने लगता था। जब भी उसे रुपये मिल जाते थे तो वह खुशी से झूमने लगता था। कभी अधिक पैसे नहीं होते थे तो कम में ही संतोष कर लेता था।
विज्ञापन


उसके अकाउंट में थे 99 हजार रुपए
दिग्विजय विश्वकर्मा बताते हैं कि मेरा भाई पैसे की कमी से नहीं मरा है। अब भी उसके मोबाइल का बैलेंस चेक किया गया तो उसमें 99400 रुपये मौजूद हैं। हम उसकी हर सुख सुविधा का ध्यान देते थे। उसको ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए था।
-
25 मई की वापसी का था टिकट
उसकी मां गीता देवी बताती हैं कि मुंबई से मेरे भाई राजकुमार ने बताया कि उसने 25 मई को वापस घर जाने के लिए एजेंट से टिकट भी निकलवाया था। उसकी मौत के बाद उसके मोबाइल पर फोन आया कि 25 मई का टिकट कंफर्म हो गया है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
-
पिछले दो दिनों से बंद हैं दुकानें
शेषनाथ के आत्महत्या की जानकारी मिलने के बाद से ही परिवार में लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। उनके लोहरसन में स्थित दो बड़े कारखाने दो दिनों से बंद हैं। उनके कारखाने में लोहे और स्टील का काम होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें