संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दीपावली त्योहार नजदीक आते ही खाने-पीने के सामान की डिमांड बढ़ गई है। अगर आप किसी दुकान से कोई खाद्य सामग्री ले रहे हैं तो खुद ही जांच-परख लें। दुकान संचालक गुणवत्ता पूर्ण सामग्री देंगे इसकी गारंटी नहीं है। जरा सी चूक हुई तो मिलावट खोर आपको मिलावटी खाने की सामग्री परोस देंगे, जिसे खाने से आपकी और आपके परिवार के सदस्यों की सेहत भी बिगड़ सकती है। डॉक्टर की मानें तो नकली दूध, खोआ और पनीर जानलेवा हो सकता है। यह सीधे लीवर को प्रभावित करता है। इससे किडनी फेल होने का भी खतरा बना रहता है।
धनतेरस, दीपावली और उसके बाद छठ पूजा है। इसमें मिठाइयों की डिमांड अधिक होती है। इन मिठाइयों में खोआ और पनीर का इस्तेमाल अधिक होता है। लाल मोहन बनाने में पनीर और खोआ का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही अन्य मिठाइयाें में भी इनका प्रयोग होता है। ऐसे में लोग मिठाई तो खरीदते हैं, लेकिन उसकी गुणवत्ता की जांच नहीं हो पाती है। जितनी डिमांड होती है उसके अनुरूप खोआ और पनीर की उपलब्धता नहीं रहती है। ऐसे में मिलावट की पूरी संभावना होती है। इसके अलावा अधिकतर घरों में महिलाएं खुद खोए से तैयार मिठाइयां बनाती हैं। इसके लिए बाजार से खोवे की खरीदारी भी होती है, लेकिन नकली और असली खोआ की पहचान नहीं हो पाती है।
ऐसे में यह लोगों को बीमार भी बना देती है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में अप्रैल से अब तक 26 सैंपल अधोमानक मिले हैं।
जानलेवा हो सकता है नकली खोआ
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि नकली दूध, खोआ और पनीर जानलेवा हो सकता है।
यह सीधे लीवर को प्रभावित करता है। इससे किडनी फेल होने का भी खतरा रहता है। पनीर और खोआ जांच परखकर ही खरीदें। त्योहारी सीजन में मिलावटी खोआ और पनीर खरीदने से बचें।