अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में सोमवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। इसके साथ ही सीएजी की रिपोर्ट पर कार्रवाई कर टोरेंट पावर का करार रद्द करने की भी मांग उठाई।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी पुष्पेंद्र भारती ने आगरा फ्रेंचाइजी की बिडिंग में किए गए घोटाले और कैग की अनुशंसा दबा देने के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और घोटाला करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में पूर्व में हुए आगरा और ग्रेटर नोएडा के निजीकरण में घोटाले को देखते हुए पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जानी चाहिए। संघर्ष समिति के पदाधिकारी विकास पंचाल ने कहा कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। यह उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के हित में नहीं है। ऐसे में निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त किया जाए।
इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, दिलीप मौर्य, भास्कर पांडेय, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र, प्रदुम्न कुमार, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, उमेश चौधरी, विजय कुमार, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, आर्यन कुमार, आशीष कुमार, मनीष मिश्रा, देवप्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।