संतकबीरनगर। खलीलाबाद के चर्चित आत्महत्या मामले में आरोपी सत्येंद्र कुमार उर्फ अनु अग्रहरि की जमानत सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने सुनवाई के उपरांत निरस्त कर दी।
वादिनी मुकदमा ने कोतवाली में प्रार्थनापत्र दिया था कि उसकी पुत्री खलीलाबाद में किराए पर मकान लेकर मेडिकल परीक्षा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करती थी। एक अगस्त 2026 को रात में प्रीति नामक युवती जो उसके बगल में रहती थी, उसने उसे सूचना दिया कि मेरी बेटी के साथ यौन शोषण के बाद आरोपी ने जान से मार दी है। वादिनी रात में ही एंबुलेंस को फोन करके उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी पुत्री को मृत घोषित कर दिया गया था। थाना कोतवाली में रिपोर्ट पंजीकृत हुई। आरोपी की गिरफ्तारी हुई। जमानत पर बहस के दौरान आरोपी पर दो अन्य गंभीर मामले दर्ज होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से आत्महत्या करने और आरोपी तथा मृतका के बीच एक महीने के अंदर 4000 से ज्यादा बार कॉल करना पाए जाने पर थाना धनघटा ग्राम उमरिया निवासी आरोपी सत्येंद्र कुमार उर्फ अनु अग्रहरि की जमानत सुनवाई के उपरांत सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने खारिज कर दी।