संतकबीरनगर। जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण कुमार दुबे ने बुधवार को विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान खलीलाबाद क्षेत्र के अजमापुर, सरौली व मैलानी के आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले।
इसके लिए क्षेत्रीय मुख्य सेविका की लापरवाही मानते हुए यहां से मालती वर्मा को हटाकर उनके स्थान पर सायराबानों को जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसी क्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने खलीलाबाद के चकदही, नाथनगर विकास खंड के परशुरामपुर, नाथनगर व नोक्ता के केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्वास्थ्य पोषण दिवस के मद्देनजर नाथनगर में मंदिर पर महिलाओं की जांच की जा रही थी, जो कि गलत है।
जबकि खलीलाबाद के चकदही में भी गर्भवती महिलाओं की जांच खुले में होना गलत है। ऐसे में इनकी जांच स्वास्थ्य केंद्र पर होनी चाहिए। इसी प्रकार सांथा क्षेत्र की प्रभारी सीडीपीओ मधु चुतर्वेदी ने बुधवार को चार आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया।
इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र प्रतापपुर द्वितीय बंद मिला। यहां की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं अन्य केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष उपस्थिति काफी कम पाई गई। ऐसे में यहां की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी गई है।
प्रभारी सीडीपीओ मधु चतुर्वेदी ने बताया कि प्रतापपुर प्रथम व प्रतापपुर द्वितीय केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान जहां प्रतापपुर प्रथम में व्यवस्था ठीक मिली वहीं द्वितीय बंद मिला।
इस पर वहां की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि जसवल प्रथम व द्वितीय आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष उपस्थिति पचास प्रतिशत से भी कम पाई गई।
कम उपस्थिति मिलने पर इंद्रासनी देवी, सरोज, प्रेमशीला, सुनीता धर द्विवेदी को चेतावनी दी गई कि भविष्य के इस बात को ध्यान रखें कि बच्चों की उपस्थिति कम न होने पाएं। प्रभारी सीडीपीओ ने कहा कि प्रत्येक माह के पांच, 15 व 25 तारीख को पोषाहार वितरण कराया जाए।