संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नवरात्र की नवमी पर सोमवार को दुर्गा मंदिर और देवी पंडालों में मां के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात तक श्रद्धालु मां के जयकारे के साथ भजन कीर्तन करते रहे।
इससे पहले दिन में हवन-पूजन किया गया और कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर पूजा गया। इसके बाद उन्हें भोजन कराकर दक्षिणा दी गई। यह क्रम शाम तक चलता रहा।
जनपद में स्थापित 1211 दुर्गा प्रतिमाओं में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों में देवी सप्तशती के पाठ के साथ हवन पूजन हुआ। दुर्गा पंडालों में देवी गीतों की मधुर ध्वनि भोर से सायंकाल तक गूंजती रही। घरों पर भी लोगों ने हवन-पूजन कर कन्याओं को भोजन कराया, दक्षिणा दी और आशीर्वाद लिया।
वहीं शहर में सजे पंडालों में देर रात तक श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन करते रहे तो बच्चों ने मेले का लुत्फ उठाया। दिन में जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया। खलीलाबाद की समय माता पर सामूहिक हवन कराया गया।
बरदहिया की मां सिद्धि दात्री, उसका कलां की मां वनदेवी, लहुरादेवा की मां घोड़सारे वाली, महुली कोट की माता, मेंहदावल की नगरवाली और बाराखाल वाली माता के स्थान पर देर रात तक भीड़ रही। समय जी स्थान पर श्रद्धालुओं ने नौ कन्याओं का पूजन कर उन्हें चुनरी अर्पित की और भोजन कराने के बाद दक्षिणा दी। मां समय जी स्थान पर पवन कुमार गुप्त, मिल चौराहे पर श्रद्धालुओं नौ कन्याओं का पूजन कर प्रत्यक्ष देवी का आशीर्वाद लिया।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार नवरात्र के अंतिम दिन सिद्धिदात्री की पूजा के साथ हवन संपन्न हुआ। बेलहर प्रतिनिधि के अनुसार बेलहर बाजार, सरहरा, बेलवा जंगल, बेलहर कला के भीतरी टोला स्थित मां सिद्धेश्वरी माता मंदिर पर हवन पूजन किया गया। मगहर प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में जगह-जगह स्थापित दुर्गा पंडालों में लोगों की भीड़ लगी रही। उधर, बखिरा कस्बे में बड़की दुर्गा जी के नाम से प्रसिद्ध माता दुर्गा की प्रतिमा के पास काफी भीड़ रही।