बखिरा पक्षी बिहार में स्थापित कामन फैसिलिटी सेंटर
संतकबीरनगर। बखिरा झील को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व से ही काम चल रहे हैं। अब यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रशासन ने नई पहल की है। इसके तहत यहां पार्क, नौकायन, पर्यटक भवन, सारस अभ्यारण सहित अन्य कार्यों को कराने की योजना तैयार की है।
पर्यटन के दृष्टिकोण से बखिरा झील और पक्षी विहार काफी महत्वपूर्ण है। बखिरा झील 29 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में है। झील संतकबीरनगर और गोरखपुर को आपस में जोड़ती है। पर्यटन के लिहाज से झील को विकसित करने की योजना है। झील से सटे जिन किसानों की जमीन ली जाएगी, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
झील के पानी एवं नाले से आने वाले पानी को शुद्ध करने के लिए प्लेटफार्म और ट्रीटमेंट प्लान का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके साथ ही यहां पार्क बनाया जाएगा। साथ ही बखिरा झील में सैलानियों के सैर के लिए नौकायन की व्यवस्था के लिए कार्य कराया जाना है।
पर्यटकों को ठहरने के लिए पर्यटक भवन बनाए जाएंगे। साथ ही सारस अभ्यारण सहित अन्य कार्य कराए जाने हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रशासन ने बखिरा झील को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसे पर्यटन विभाग को उपलब्ध करा दिया है। साथ ही योजना का डीपीआर बनाकर शासन को भेजा है।परिसर की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी बनाई जाएगी।
यहां पर ईको कॉटेज का निर्माण, गार्ड व ड्राइवर रूम, किचन, डाइनिंग एरिया, टाॅयलेट, प्रकाश व्यवस्था, सेल्फी प्वाइंट और पाथ-वे आदि बनाए जाएंगे। यहां पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाने की योजना है।
पक्षी विहार की सुरक्षा के लिए लाइटिंग के स्थल चिह्नित करते हुए अलग से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 3.76 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। झील के चारों तरफ बांध बनाया जाएगा। बखिरा-सहजनवां मार्ग से झील तक जाने के लिए सड़क बनाने की भी तैयारी है।