धनघटा। जिले की 35 हजार आबादी वाले नगर पंचायत हरिहरपुर से खलीलाबाद जाने के लिए प्राइवेट वाहनों के अलावा अन्य कोई साधन नहीं है। हरिहरपुर, महुली, कुशहवा, देईसाड़ सहित दर्जनों गांव के लोग सरकारी बस सेवा से महरूम हैं। नगर पंचायत के लोगाें ने सरकारी बस चलाने की मांग की है।
नगर पंचायत हरिहरपुर जिले का मॉडल नगर पंचायत माना जाता है। यहां से हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं जिला मुख्यालय पर पढ़ने जाते हैं। इसके अलावा स्थानीय लोग भी जरूरत के हिसाब से आते जाते हैं। ऐसे में उन्हें प्राइवेट टैक्सी का सहारा लेना पड़ा है। महुली कस्बे के ग्राम प्रधान हफीजुल्लाह व समाज सेवी हरि प्रसाद द्विवेदी का कहना है कि बस्ती-नाथनगर मार्ग की दूरी 41 किलोमीटर है जबकि जिला मुख्यालय से महुली की दूरी 17 किलोमीटर है। इन रूटों पर परिवहन विभाग कोई भी बस नहीं चलाता है। जिससे इस क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। नगर पंचायत हरिहरपुर निवासी अशोक गुप्ता व शिवबखरी के ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार का कहना है कि आज के समय में नगर पंचायत हरिहरपुर प्रदेश के नगर पंचायताें का माडल बन चुका है। लेकिन मात्र बस सेवा न होने के कारण यह अधूरा होकर रह गया है। सिक्टहा के ग्राम प्रधान आशीष पाल का कहना है कि चुनाव के समय इस क्षेत्र में चार बसे लगाई गयी थीं लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद सब हटा ली गयीं। आज सिक्टहा क्षेत्र के दर्जनाें गांवों के लोग बस सेवा से वंचित है। प्रधानाचार्य सत्येन्द्र प्रकाश त्रिपाठी व नाथनगर के ग्राम प्रधान शिव वर्मा का कहना है कि बस सेवा न होने से प्राइवेट गाड़ी चालक मनमाना किराया वसूलते है। लोगोें ने एक सरकारी बस चलाने की मांग की है। बस्ती क्षेत्र के एआरएम भागीरथी प्रसाद का कहना है कि अनुबंधित बस चलाने के लिए टेंडर निकाला गया था। लेकिन किसी ने आवेदन नहीं किया है। जैसे ही कोई बस अनुबंधित होती है उसे तत्काल हरिहरपुर से संचालन शुरू करा दिया जाएगा।