संतकबीरनगर। प्रमोशन में आरक्षण के समर्र्थन से जनता के बीच गिरती साख बचाने में जुटी भाजपा में उम्मीद की एक नई किरण जाग उठी है। गुजरात में मिली जीत और आरक्षण के मुद्दे पर योगी सहित अन्य सांसदों के यू-टर्न से पार्टी उत्साहित है। यहां तक कि अब इस सुनहरे मौके को भुनाने में भी सभी नेता जुट गए हैं।
भाजपा को अपनी नीतियों में खामियों के चलते वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव गंवाना पड़ा। ऊपर से आगामी लोकसभा चुनाव 2014 में भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। एफडीआई और प्रमोशन में आरक्षण ने भी झकझोर कर रख दिया। स्थिति यह रही कि साख बचाने की बजाए पार्टी ने हिंदी पट्टी में विश्वास खो दिया था। ऐसे में स्थानीय कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाने पर काफी खरी-खोटी सुनने को मिल रही थी। नाम न छापने की शर्त पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बताया कि भाजपा की नीतियों से जनता पहले से नाराज थी लेकिन राज्यसभा में भाजपा संासदों ने जब प्रमोशन में आरक्षण पर सहमति प्रदान की तो हर तरफ जनता की नाराजगी का शिकार होना पड़ा। परंतु लोकसभा में योगी समेत अन्य भाजपा संासदों के प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर यू-टर्न लिया तो लोगों के बीच बिल के प्रस्ताव न पारित होने की आस जग गई। ऐसे में गुजरात विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली जीत ने खोए गौरव को वापस दिलाने का काम किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जैसे ही गुजरात विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी सहित भाजपा को बढ़त मिली भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे खिल उठे। भाजपा जिलाध्यक्ष बलराम यादव का कहना है कि इधर जनता भाजपा से काफी नाराज थी लेकिन गुजरात चुनाव में मिली जीत ने उर्जा देने का काम किया है। एक बार फिर से सभी भाजपा को यूपी में सम्मानित निगाह से दिखने लगे हैं। उम्मीद है कि आगामी आमसभा चुनाव में जनता का समर्थन हमारे साथ होगा।