समाजवादी पार्टी के लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष फूलचंद यादव ने डीएम को पत्र देकर आरोप लगाया था कि वर्ष 2013 में बीएसए कार्यालय में तैनात तत्कालीन पटल सहायक ने 73 सहायक अध्यापकों का पदोन्नति आदेश जारी किया गया।
इसमें 11 शिक्षक गैर जनपद से आए थे। जो नियम विपरीत था। पदोन्नति आदेश बिना एसडीएम की अनुमति के जारी किया गया था जो डीएम द्वारा नामित सदस्य थे।
इसके साथ ही अंशकालिक अनुुुदेशकों का नियम विरुद्घ स्थानांतरण किया गया। इसमे भी डीएम से अनुमति नहीं लिया गया।
इसके साथ ही कई शिक्षकों का स्थानांतरण नियम विरुद्घ किया गया जिनके स्थानांतरण से कई विद्यालय बंद हो गए।
सपा नेता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को दी। सीडीओ ने मामले की जांच करने लिए डायट प्राचार्य को निर्देश दिया।
डायट प्राचार्य की जांच में शिकायत सही पाया गया और डायट प्राचार्य ने लिपिक पर कार्रवाई के लिए सीडीओ को पत्र भेजा।
बीएसए महेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त शिक्षा निदेशक बस्ती मंडल को पत्र भेजकर तत्कालीन लिपिक जो अब डायट कार्यालय में तैनात है पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संस्तुति किया है।
इंसेट
लिपिक पर कार्रवाई के लिए बीएसए संतकबीरनगर का पत्र नहीं मिला है।
पत्र मिलते ही उसका परीक्षण किया जाएगा। अगर लिपिक दोषी होगा तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अनिल भूषण चतुर्वेदी, जेडी बस्ती मंडल