पति समेत चार हत्यारोपियों को आजीवन कारावास
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वशिष्ठ ने हत्या के मामले में पति समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50,000 रुपये दंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दुर्गा प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि फर्टिलाइजर कॉलोनी गोरखपुर के रहने वाले विवेक गौड़ ने कोतवाली में प्रार्थनापत्र दिया कि उसकी बहन माला गौड़ हाथ-पैर से दिव्यांग थी। उसकी शादी वर्ष 2002 में जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र पारस गौड़ निवासी बयारे कोतवाली से हुई थी। उसके पति मानसिक दिव्यांग थे। शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल के लोगों ने उसकी बहन की हत्या कर दी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। आरोपी पति जीतू उर्फ जितेंद्र, ससुुर पारस गौड, सास गायत्री और देवर विवेक के विरुद्ध न्यायालय में सुनवाई हुई। आठ लोगों की गवाही कराई गई। सभी आरोपियों पर दोष सिद्व पाए जाने पर कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 50,000 रुपये दंड लगाया। अर्थदंड अदा करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगी। ब्यूरो