संतकबीरनगर। अयोध्या में होने वाले धर्म सभा के चलते रविवार को गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर बड़े वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। मगहर दुर्गा मंदिर के पास पुलिस ने सड़क पर बैरिकेडिंग कर ट्रकों व अन्य मालवाहनों को सुरक्षा के लिहाज से रोककर सड़क के किनारे करा दिया। हालांकि रोडवेज की बसें इसी रूट पर गईं, लेकिन अन्य प्राइवेट बसों को बीएमसीटी मार्ग की तरफ मोड़ दिया गया। छोटी गाड़ियों के चालकों से पूछताछ के बाद ही आगे जाने दिया गया। इसके चलते मगहर में दूर तक ट्रक खड़े दिखाई दे रहे थे। वहीं रविवार को छुट्टी होने के कारण लोग घरों में ही टीवी पर पूरे कार्यक्रम को देखते रहे।
विश्व हिंदू परिषद व अन्य हिंदू संगठन कई दिन से अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम को लेकर तैयारियां कर रहे थे। जगह-जगह कार्यकर्ताओं की बैठक के अलावा बाइक रैैली भी निकाली गई। अयोध्या से नजदीक होने के चलते संतकबीरनगर जिले से भी बड़ी संख्या में लोगों के इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाने वाले थे। धर्म सम्मेलन में जुटने वाली भीड़ को देेखते हुए जिला प्रशासन ने एक दिन पहले ही अलर्ट जारी कर रखा था। रविवार को सुबह से फोरलेन पर मगहर दुर्गा मंदिर के पास बैरिकेडिंग कर अयोध्या या उससे आगे जाने वाले ट्रकों व अन्य बड़े वाहनों को रोक दिया गया। लखनऊ जाने वाली प्राइवेट बसों व अन्य वाहन चालकों को जरूरी होने पर बीएमसीटी मार्ग से होकर जाने की सलाह दी गई।
सड़क पर लगी कतार
फोरलेन पर ट्रकों के रोके जाने के चलते लंबी कतार लग गई। सड़क पर भीड़ बढ़ती देख पुलिस कर्मियों ने ट्रकों को किनारे कराया। यहां ड्यूटी कर रहे मगहर चौकी इंचार्ज शर्मा सिंह यादव ने बताया कि ट्रकों व अन्य बड़े वाहनों को अयोध्या में जुटने वाली भीड़ व सुरक्षा को देखते हुए रोका गया है। वरिष्ठ अफसरों का आदेश मिलते ही बैरिकेडिंग हटा ली जाएगी। ट्रकों को किनारे कराया जा रहा है जिससे कि अन्य वाहन चालकों को दिक्कत न हो।
जिलाध्यक्ष, विधायक समेत कई लोग गए अयोध्या
धर्म सभा में हिस्सा लेने के लिए विहिप के अलावा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी अयोध्या गए हैं। जिलाध्यक्ष सेतवान राय, धनघटा विधायक श्रीराम चौहान, मेंहदावल के विधायक राकेश सिंह बघेल, खलीलाबाद विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे, त्रयम्बक नाथ त्रिपाठी, हैप्पी राय, धरणीधर शास्त्री समेत कई भाजपा नेता सुबह ही अयोध्या पहुंच गए थे।
अयोध्या के घटनाक्रम पर दिन भर लोगों की नजर बनी रही। लोग टीवी व मोबाइल पर पल-पल की जानकारी लेते रहे। हालांकि लोग इस आयोजन को राजनीतिक नफा नुकसान से ही जोड़कर ज्यादे देख रहे थे। फिर भी अयोध्या में जुट रही भारी भीड़ चर्चा का विषय थी। लोगों का मानना था कि इस आयोजन के जरिए संगठन केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति में सफल रहा।