संतकबीरनगर। जिले के महुली थानाक्षेत्र के एक भट्ठे पर मजदूरी न मिलने के चलते रुके हुए परिवार के 27 सदस्यों को राहत मिली है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्देश पर उन परिवारों को बकाया रकम वापस दिलाई गई। साथ ही वाहन की व्यवस्था करके उनको घर भिजवाया गया।
पीलीभीत जनपद के बिलसटा थानाक्षेत्र के हरईया गांव के निवासी सरताज पुत्र रिहसात ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में एक पत्र भेजा था। इसमें पीड़ित ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्थित एक ईंट भट्ठे पर वे पथाई का काम करते हैं। भट्ठा मालिक से 750 रुपये प्रति हजार रुपये के रेट से ईंट की पथाई का सौदा तय हुआ। छह परिवार के 27 लोगों ने जी-तोड़ मेहनत कर ईंट की पथाई की। उनकी मजदूरी करीब 10 लाख 10 हजार रुपये बनी। लेकिन इस बकाया रकम का भुगतान के लिए जब वह भट्ठा मालिक के पास पहुंचे तो दुर्व्यवहार कर फर्जी केस में फंसाने की धमकी देने लगे। पिछड़ा आयोग में की गई शिकायत के बाद श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज कुमार, हल्का लेखपाल जंगबहादुर सिंह तथा महुली के लेखपाल अभिषेक सिंह यादव के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पर उन्होंने मजदूर इरशाद, चंदू, इकबाल, चांद मुहम्मद, मजनू और छीदू के परिवारों के लोगों की मजदूरी का पूरा हिसाब कराया।