संतकबीरनगर। शासन भले ही ग्रामीण क्षेत्र में18 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा कर रहा है, लेकिन जिले के ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में शाम होते ही बिजली गुल हो जा रही है और देर रात के बाद ही बिजली आती है। ऐसे में जहां उपभोक्ता परेशान है और उमस भरी गर्मी झेलने को विवश हैं वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि किसान धान की बेहन डालने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बिजली की कटौती के कारण नलकूप जवाब दे जा रहे हैं।
शासन ने शहरी क्षेत्र को 20 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली देने का फरमान जारी किया है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम होते ही बिजली कट जा रही है और रात में करीब 12 बजे बिजली आती हु। ऐसे में इस उमस भरी गर्मी में पंखा, कूलर बेकार हो जा रहे हैं। उपभोक्ताओं की पीड़ा यह है कि शाम के समय सबसे ज्यादा जरूरत बिजली की रहती है, लेकिन उे समय बिजली नहीं रहती है। यही नहीं दिन में भी कई बार बिजली कट रही है। जो विद्युत सप्लाई हो भी रही है, वह लोकल फाल्ट के कारण उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रही है। इसको लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश है। सबसे ज्यादा परेशान किसान है। बेहन डालनेे की किसानों ने तैयारी कर रखी है, लेकिन बिजली की आवाजाही के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि रात्रि में 12 बजे के बाद नलकूप चलाना मुश्किल है, कारण यह है कि अधिकतर नलकूपों के आस-पास झांडझंखाड़ उग आए हैं। ऐसे में जहरीले जानवरों का खतरा बना रहता है। किसान रामहित ने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों की आय दो गुना करने की बात कर रही है, दूसरी तरफ बिजली ही नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बेहन कैसे डालें। इीसी प्रकार पन्ने लाल ने कहा कि धान की बेहन डालने का समय है, ऐसे में भरपूर बिजली की जरूरत है, लेकिन जो बिजली आपूर्ति हो रही है वह भी लोकल फाल्ट के कारण नहीं मिल पा रही है। किसानों ने मांग किया कि इस समय ग्रामीण क्षेत्रों को भरपूर बिजली उपलब्ध कराई जाए।
अधिशाषी अभियंता विद्युत संजय कुमार ने कहा कि जो बिजली मिल रही है,वह उपलब्ध कराई जा रही है। जहां तक लोकल फाल्ट की बात है तो कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि लोकल फाल्ट तत्काल ठीक किया जाए।