क्षेत्र के बालमपुर गांव में बुधवार की शाम आग लगने से 12 लोगों का मकान जलकर राख हो गया। आग पर गांव के लोग जब तक काबू पाते तक तक लोगों के मकान में रखा गया सारा सामान जल कर नष्ट हो गया।
आग बुझने के बाद फायर बिग्रेड कर्मी भी पहुंच गए। दुधारा में आठ घर आग से जल गए। बुधवार की शाम रूपचंद के मकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आग की लपटें इतनी तेज थी कि अगल बगल में स्थित राममिलन, रामनवल, जियावान, रामकवल, रामकेश, राम उजागिर, नोहर, नरसिंह, रामानंद, उद्देश्य और संजय के मकान को अपने आगोश में ले लिया।
आग की सूचना पर गांव में अफरातफरी मच गई। गांव तथा अगल बगल गांव के लोग आग पर करीब दो घंटे बाद काबू पा सके। ग्राम प्रधान मुसाफिर यादव ने बताया कि अग्रि पीड़ितो के पास केवल शरीर पर मौजूद कपड़ा बचा है।
सभी लोग दाने दाने को मोहताज हो गए हैं। प्रधान ने स्वयं लोगों की मदद करते हुए तहसील प्रशासन से अविलंब सहायता राशि दिए जाने की मांग की। वहीं सेमरियावां के दुधारा क्षेत्र के जातेडीहा दुबौलिया गांव में बुधवार को आग लग गई।
सेमरियावां प्रतिनिधि के अनुसार इसमें आठ झोपड़िया जल कर राख हो गईं। मौके पर जुटे गांव के लोगों ने अथक प्रयास कर आग पर काबू पाया। सूचना के बाद भी फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। गांव वालों ने बताया कि वाजिद अली की झोपड़ी में चूल्हे की चिंगारी से आग लग गई।
देखते ही देखते आग फैलती चली गई और पड़ोस के अख्तर अली, आबिद अली, साबित अली, कासिम अली, बबलू, अख्तर अली उर्फ झक्कड़, नसीबा खातून और वाजिद अली की झोपड़िया जल कर राख हो गई। झक्कड़ की झोपड़ी में बंधा एक मवेशी झुलस गया और एक मवेशी की जलने से मौत हो गई।