संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट ने शनिवार को जिलाध्यक्ष हरिबख्श सिंह के नेतृत्व में डीआईओएस कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान पुुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत 17 सूत्री मांगों का ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा।
जिलाध्यक्ष हरिबख्श सिंह ने कहा कि शिक्षा अधिकार अधिनियम तब तक नहीं लागू हो सकता जब तक वित्तविहीन शिक्षकों को नियमित शिक्षक का दर्जा एवं वेतन नहीं मिल जाता। 2005 के बाद के शिक्षकों को पुरानी पेंशन देना अनिवार्य है। हमें सरकार से मूल वेतन का 10 प्रतिशत नहीं चाहिए। बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन बहाल की जाए। शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाए व पेंशनरो की पेंशन स्वीकृत वेतन मानों एवं ग्रेड पे में संशोधित किया जाए। इसके साथ ही व्यावसायिक शिक्षकों एवं कंप्यूटर शिक्षकों को नियमित शिक्षक का दर्जा एवं वेतन मिलना चाहिए और पढ़े लिखे अनुचरों एवं लिपिकों की पदोन्नति शिक्षक पद पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैनुवली बिल समाप्त होनी चाहिए तथा बायोमेट्रिक के नाम पर उत्पीड़न न किया जाए। संचालन कर रहे जिला मंत्री अवध नारायण मिश्र ने कहा कि पहले की तरह हर माह की वेतन अगले माह में पहली तारीख को पूर्ववत दिया जाए तथा एनपीएस की कटौती नियुक्ति तिथि तक की जाए व इनकी लेख पर्ची निर्गत कराए। जहांगीर अंसारी ने कह कि चयन प्रोन्नति तथा एसीपी का लाभ समान रूप से देकर अवशेष भुगतान किया जाए। धरने में प्रधानाचार्य अरूधंती, महेंद्र सिंह, सुरेंद्र नाथ चौबे, बृजेश कुमार सिंह, द्विजेंद्र बहादुर सिंह, सुभाष चंद चतुर्वेदी, हरीश चंद यादव, इंद्रभान पांडेय, योगेंद्र सिंह, नवल किशोर त्रिपाठी, अशोक कुमार यादव, शशि प्रकाश तिवारी, अरुण प्रसाद पांडेय और ध्रुवचंद पाठक समेत अन्य मौजूद थे।
पुुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षकों ने बैठक की
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक मौलाना आजाद इंटर कॉलेज में जिला संयोजक नसीम अहमद खान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पुरानी पेंशन को लेकर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने कहा कि नई पेंशन किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है। पुरानी पेंशन बहाली व वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन दिलाने सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। जिसके तहत 30 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय व 24 अगस्त को संयुक्त शिक्षा निदेशक के कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अद्दतन कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किया जाए और शिक्षक कर्मचारियों को चिकित्सा भत्ता की सुविधा दी जाए। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को पूर्व की सेवाओं का लाभ दिया जाए। बैठक के बाद शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल डीआईओएस से मिला और आठ सूत्रीय मांगो का ज्ञापन दिया। इस दौरान मोहिबुल्लाह खान, विजय यादव, जितेंद्र कुमार, यूनुस अख्तर खान, जय प्रकाश गौतम, राम नरायन पांडेय, पंकज दूबे, राम कुबेर मौर्या, गोपाल जी सिंह, खालिक कमाल, राम नारायण शुक्ला, अफजल अहमद, जय गोविंद, मंगला प्रसाद, विनोद चौरसिया, जय चंद्र यादव, अभय शुक्ला, संजय श्रीवास्तव और मंतोष मौर्या आदि मौजूद थे।