डीएम ने सीएचसी नाथनगर समेत छह स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया, कई स्थानों पर मिली गंदगी
डीपीएम, बीपीएम समेत कई कर्मियों का वेतन रोकने का निर्देश
हरिहरपुर में अस्पताल भवन का निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों से रिकवरी का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
धनघटा/हैंसर।
डीएम मारकंडेय शाही ने शनिवार को नाथनगर, हैंसर और पौली ब्लॉकों के सीएचसी पीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान लापरवाही मिलने पर फार्मासिस्ट, लैब सहायक को निलंबित करने के साथ ही जनपद के समस्त एनएचएम कर्मियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सीएमओ को चेतावनी जारी की है।
डीएम सबसे पहले सीएचसी नाथनगर पहुंचे। यहां अस्पताल में गंदगी और अधूरे भवन पर नाराजगी जताई। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के खाते में पूरे जिले में मार्च के बाद का धन नहीं भेजे जाने पर एनएचएम के तहत तैनात जिला प्रोजेक्ट प्रबंधक, ब्लॉक प्रोजेक्ट प्रबंधक, ब्लॉक कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर का वेतन रोकने का निर्देश दिया। साथ ही परिसर की साफ सफाई कराने की हिदायत दी। परिसर में खड़े पुराने जर्जर वाहन की नीलामी न होने पर विभाग के जेई का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
पीएचसी देवकली में अस्पताल के अंदर से बाहर तक फैली गंदगी और टूटे फर्नीचर और खिड़कियों पर नाराजगी जताते हुए अस्पताल के फर्मासिस्ट फैज अहमद और लैब सहायक रमेशानंद यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया। डीएम ने पर्यवेक्षण न करने का जिम्मेदार मानते हुए सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। डीएम निर्माणाधीन पीएचसी हरिहरपुर पहुंचे। अस्पताल के खराब निर्माण कार्य को देख नाराजगी जताते हुए कार्यदाई संस्था राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने और मूल्यांकन करके रिकवरी करने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम पीएचसी शनिचरा बाजार पहुंचे जहां लाइट नहीं जल रही थी। जब डीएम ने स्वयं स्वीच ऑन किया तो न लाइट जली और न ही पंखा चला। जिस पर अधीक्षक विमल द्विवेदी और फार्मासिस्ट अनिल कुमार का वेेतन रोकने का निर्देश दिया। पीएचसी रोसया बाजार पर गंदगी देख डीएम काफी नाराज हुए और वहां कार्यरत फार्मासिस्ट रजनीश कुमार का वेतन रोकने का निर्देश दिए। उसके बाद डीएम निर्माणाधीन सीएचसी शिवबखरी का हाल जानने पहुंचे। वर्ष 2013 में तीन करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने के लिए शुरू हुए अस्पताल का काम 40 प्रतिशत भी नही पूरा होने पर डीएम ने कार्यदाई संस्था निर्माण निगम के जेई को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि यदि अस्पताल का काम समय से पूरा हो गया होता तो लागत नहीं बढ़ती अब इसी अस्पताल के निर्माण पांच करोड़ 98 लाख रुपये खर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।