कलेक्ट्रेट में डीएम ने अधिकारियों संग बैठक की।
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संतकबीरनगर। गरीब परिवारों को सस्ते दर पर राशन उपलब्ध कराए जाने की सरकार की मंशा पर आपूर्ति विभाग ही पानी फेर रहा है। जिले में 70 हजार राशन कार्ड किसी न किसी कारण से पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंच सके हैं। इसका लाभ गरीब जनता को न मिलकर कोटेदार ले रहे हैं। बायोमेट्रिक आधार पर बने नए कार्ड वितरण किए जाने के मामले में जिले की प्रगति काफी खराब है। इससे नाराज डीएम ने डीएसओ को पत्र लिखकर चेतावनी दी है।
डीएम रवीश गुप्त ने डीएसओ को पत्र भेजकर कहा कि है कि राशन कार्ड वितरण के मामले में जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा कोई रूचि नहीं ली जा रही है जो गंभीर मामला है। जिले में 40 हजार राशन कार्ड गलत प्रिंट होने के कारण खराब हो गए हैं। जिस पर प्रिंट करने वाली एजेंसी पर कार्रवाई की जाए। वहीं 30 हजार राशन कार्ड बनने के बाद भी लोगों तक नहीं पहुंचे हैं। डीएम ने कहा है कि बायोमेट्रिक आधार पर कार्ड वितरण कराए जाने के मामले में जिला नीचे से दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा जो पहले से आवेदन आए हैं उसे रोककर नए आवेदन राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने डीएसओ को निर्देशित करते हुए कहा कि पुराने राशन कार्ड वितरित होने के बाद ही नए राशन कार्ड जारी किए जाएं। जितने मामले राशन कार्ड से संबधित लंबित हैं उसे तत्काल निस्तारित किए जाए और उसकी रिपोर्ट प्रतिदिन दी जाए। उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण में लापरवाही किसी भी दशा में क्षम्य नहीं होगी।
डीएम बोले- पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेयजल की हो व्यवस्था : डीएम रवीश गुप्त ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा है कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ टॉयलेट और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
अब कोटेदारों की दुकान तक सीधे पहुंचेगा राशन
संतकबीरनगर। जिले में अब कोटेदारों को राशन सीधे उनकी दुकान तक पहुंचाया जाएगा। अब उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर ब्लॉक के गोदाम तक नहीं आना होगा। डीएम रवीश गुप्त ने इसकी व्यवस्था के लिए वाहनों का प्रबंध शीघ्र करने का निर्देश डिप्टी आरएमओ तथा जिलापूर्ति अधिकारी को दिया है। डीएम ने बताया कि जिले में 30 हजार राशन कार्ड कम मिले हैं। जिला पूर्ति अधिकारी अतिशीघ्र प्रकाशक से मंगवाकर वितरण कराएं। 40 हजार कार्ड जो त्रुटिपूर्ण मिले हैं उन्हें ठीक कराने के लिए संसाधन बढाएं और 15 दिन में कार्ड सही कराकर रिपोर्ट दें। स्कूल चलो अभियान के बारे में डीएम ने सख्त हिदायत दी कि पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम 10 प्रतिशत अधिक नामांकन पूरा कराया जाए। साथ ही ड्राप आउट बच्चों का पुन प्रवेश कराया जाए। सुनिश्चित करें कि स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों को पाठ्य पुस्तकें मिल जाएं। डीएम ने शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत चयनित सभी 60 बच्चों की सूची देने का निर्देश दिया। साथ ही स्कूल में प्रवेश पाए सभी बच्चों को आधार कार्ड से जोड़ने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि अभी तक 92 प्रतिशत बच्चों का नाम आधार कार्ड से जुड़ा है।