आंधी से ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था
शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता बेहाल
संविदा कर्मियों के ड्यूटी पर न होने से आपूर्ति बहाल करने में बढ़ी दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बृहस्पतिवार की देर रात आई आंधी से एक बार फिर बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई। आधी रात से लेकर शुक्रवार को शहर से लेकर गांव तक पूरे दिन उपभोक्ताओं को गर्मी से परेशान होना पड़ा। खलीलाबाद शहर में शुक्रवार दोपहर तक आपूर्ति बहाल हो सकी तो ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह बिगड़ी व्यवस्था को ठीक करने के प्रयास में विद्युत कर्मी जूझते रहे।
बीते रविवार को आई आंधी-बारिश में पूरे जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बिगड़ गई थी। दो दिन के कठिन परिश्रम के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधरी ही थी कि बृहस्पतिवार की रात में अचानक आई तेज आंधी के कारण विद्युत आपूर्ति व्यवस्था फिर लड़खड़ा गई। खलीलाबाद उपकेंद्र के मगहर कताई मिल फीडर से जुड़े करीब डेढ़ सौ गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई थी। इसमें गड़सरपार, बनकटवा, निचौरा, बरईपार पैठान, सहसरावमाफी, महास्थान, नहसापार, चकदही, धरैची, दुबौली, शिवापार, राउतपार आदि गांव शामिल है। इन गांवों इन गांवों के लोग रातभर अंधेरे और गर्मी से परेशान रहे। मेंहदावल विद्युत उपकेंद्र के नंदौर फीडर से जुड़े बेलहर कला क्षेत्र के कई गांवों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। क्षेत्र के बेलहर, राजघाट, पिपरा प्रथम, कडजवनियां, लोहरौली मिश्र, बेलवा जंगल आदि गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली आपूर्ति लड़खड़ाने के कारण लोगों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बहाल करने में विभाग के भी पसीने छूट रहे हैं। कारण यह है कि संविदा विद्युत कर्मियों की संविदा समाप्त होने के बाद अभी उनसे काम नहीं लिया जा रहा है। नियमित कर्मचारियों को लगाकर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिशाषी अभियंता संजय कुमार सिंह ने कहा कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कई क्षेेत्रों की विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जहां अभी बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है, उन क्षेत्रों में भी शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
केबिल टूटने से रहे परेशान
खलीलबाद शहर के नेदुला समेत कई मोहल्लों में पोल से 200 मीटर दूर तक केबिल से कनेक्शन दिए गए हैं। बृहस्पतिवार की रात जब आंधी चली तो कई लोगों के केबिल टूट गए। आंधी बंद होने के बाद जब आपूर्ति शुरू हुई तो जिनके केबिल टूटे थे उनकी आपूर्ति ठप रही। शुक्रवार की दोपहर में किसी तरह प्राइवेट बिजली मिस्त्री बुलाकर लोगों ने तार ठीक कराया तब जाकर बिजली आपूर्ति शुरू हुई।