संतकबीरनगर। सीएमओ कार्यालय के सभागार में बृहस्पतिवार को होम बेस्ड केयर फार यंग चाइल्ड कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों के पांच दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण की शुरूआत हुई। प्रशिक्षण लेकर ये प्रशिक्षक आशा वर्करों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके तहत अब आशा कार्यकर्ता अब गृह भ्रमण कर 15 माह तक के बच्चों की देखभाल करेंगी।
सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह की उपस्थिति में शुरू हुए प्रशिक्षण में जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अब गृह भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को 42 दिन की बजाय 15 माह तक बच्चों की देखभाल करनी है। इसके लिए जिले की सभी आशा वर्करों को होम बेस्ड केयर फॉर यंग चाइल्ड की ट्रेनिंग दी जाएगी। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। देश में पांच वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों मृत्यु दर में 69 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गयी। कुपोषण का स्तर कुछ कम हुआ है ,लेकिन यह कमी समयबद्ध ढंग से कुपोषण के खतरे को समाप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस दिशा में आगे जाकर छोटे बच्चों के लिए गृह आधारित देखभाल कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में आशा प्रसव पश्चात देखभाल, माता का स्वास्थ्य, स्तनपान, बच्चे की आवश्यक देखभाल, परिवार नियोजन, बच्चों में बीमारी की देखभाल, बीमारी के लक्षणों की शीघ्र पहचान 15 माह तक करेंगी। प्रतिभागियों को राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त डॉ. आलोक सिन्हा, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र यादव, सुधा श्रीवास्तव व धनंजय श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ.आरबी गौड़, डॉ. नूर आलम, डॉ. हरिवंश मौर्य, योगेंद्र नाथ यादव, विनोद जायसवाल, गोरख यादव, वकील कुमार, महेंद्र त्रिपाठी, राकेश यादव, नंदनी राय, कुंवर सत्यम सिंह, दीपक अवस्थी, सुनील मौर्य, सर्वजीत यादव, रंजना, स्नेहलता आदि शामिल रहे।